फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नागरिकता संशोधन बिल को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देगा जमीयत -उलेमा-ए-हिन्द

Wed, 11 Dec 2019 10:34 PM IST
Mohit Mudgal डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली 
विज्ञापन
मौलाना सैयद अरशद मदनी
विज्ञापन

नागरिकता संशोधन बिल बुधवार को राज्यसभा से भी पास हो गया। अब राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के हस्ताक्षर होते ही यह कानून बन जाएगा। लेकिन इस बिल को लेकर देश के कई हिस्सों में कड़ा विरोध हो रहा है। मुस्लिम समुदाय के शीर्ष संगठन जमीयत -उलेमा-ए-हिन्द ने कहा है कि वह इस कानून को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देगा। 

विज्ञापन


जमीयत -उलेमा-ए-हिन्द के शीर्ष नेता मौलाना सैयद अरशद मदनी ने बिल पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह बिल हिंदुस्तान की धार्मिक एकता को सांप्रदायिक आधार पर बांटता है। जबकि संविधान के अनुच्छेद 14 में देश के हर नागरिक को समानता का अधिकार दिया गया है। यह अधिकार बताता है कि किसी भी नागरिक के साथ धार्मिक आधार पर भेदभाव नहीं किया जाएगा। लेकिन मौजूदा बिल धार्मिक आधार पर कुछ वर्गों को भारत की नागरिकता देने और मुसलमानों को न देने की बात करता है। 

मदनी ने कहा कि इस बिल के बाद मुसलानों के लिए राष्ट्रीय नागरिकता हासिल करने में परेशानी आएगी जिसका वे हर स्तर पर विरोध करेंगे। उन्होंने कहा कि यह बिल राज्यसभा से न पास हो, इसके लिए उन्होंने कई राजनीतिक दलों से सम्पर्क किया था। लेकिन कई दलों ने अपने सेकुलर सिद्धातों के साथ समझौता कर लिया जिसके कारण केंद्र सरकार यह बिल राज्यसभा में आसानी से पास करवा पाई। उन्होंने इसे देश के लिए दुर्भाग्यपूर्ण फैसला बताया है। 

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें