जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने मीडिया के एक वर्ग पर पिछले महीने तब्लीगी जमात के कार्यक्रम को लेकर सांप्रदायिक नफरत फैलाने का आरोप लगाया और उच्चतम न्यायलय का रुख किया है। जमीयत ने केंद्र सरकार को दुष्प्रचार रोकने का निर्देश देने और इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की अपील की है।
जमीयत उलेमा-ए-हिंद और उसके कानूनी प्रकोष्ठ के सचिव की ओर से दायर याचिका में कहा गया है कि तब्लीगी जमात की दुर्भाग्यपूर्ण घटना का इस्तेमाल पूरे मुस्लिम समुदाय को दोष देने में किया जा रहा है। पिछले महीने निजामुद्दीन मरकज में तबलीगी जमात के कार्यक्रम में कम से कम 9,000 लोगों ने भाग लिया था।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने सोमवार को कहा कि देश में कोरोना वायरस के कुल चार हजार से अधिक मामलों में से 1445 मामले तब्लीगी जमात के कार्यक्रम में शामिल हुए लोगों से जुडे़ हैं।