500 और एक हजार के नोटों पर बैन लगाने के साथ ही सरकार ने साफ कर दिया है कि ऐसे कड़े फैसले आगे भी जारी रह सकते हैं। खुद वित्तमंत्री अरुण जेटली ने सरकार के फैसले का बचाव करते हुए कहा कि बड़े फैसले अचानक ही लेने होते हैं।
प्रधानमंत्री मोदी देश में रूटीन सरकार नहीं चलाने आए हैं यह सरकार आगे और भी बड़े फैसले लेगी जिससे देश के विकास में कोई भी बाधा न आए। नोट पर बैन के बाद पहली बार सरकार का पक्ष रखते हुए वित्त मंत्री अरुण जेटली ने दूरदर्शन से बातचीत के दौरान माना कि इस निर्णय से आम जनता को कुछ तकलीफ हो सकती है लेकिन जल्द ही सब सामान्य हो जाएगा।
जेटली ने कहा सरकार के इस फैसले से उन लोगों को ही दिक्कत होगी जो लंबे समय से कालाधन दबाए बैठे हैं। इस निर्णय से वही सबसे ज्यादा परेशान हैं। आम नागरिक तो इस फैसले से खुश है।