नोटबंदी को लेकर रोजाना सदन की कार्रवाई बाधित हो रही है। गुरूवार को भी संसद का सत्र काफी गरम रहा। नोटबंदी के खिलाफ विपक्ष के आक्रमक रवैये और सरकार की खामोशी के बीच राज्यसभा को स्थगित करना पड़ा। इस दौरान सदन में मौजूद पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने सरकार के नोटबंदी के फैसले को गलत ठहराया। साथी ही उन्होनें कहा कि सरकार के इस फैसले से अर्थव्यवस्था पर 2% का प्रभाव पड़ेगा।
इस पर वित्त मंत्री अरूण जेटली ने सदन से बाहर कांग्रेस की आलोचना करते हुए कहा कि जिनके नेतृत्व की सरकार में बड़े-बड़े घोटाले हुए है उन्हें अब कालेधन के खिलाफ कार्रवाई करना गलत लग रहा है। साथ ही जेटली ने मनमोहन के उस दावें के भी खोखला बताया जिसमें उन्होंने अर्थव्यवस्था पर प्रभाव पड़ने की बात कही थी।
इससे पहले सदन में विपक्ष के हंगामा करने पर भी जेटली ने विपक्ष की नीयत पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि विपक्ष ने प्रधानमंत्री की मौजूदगी बहस करने की मांग की थी। अब जब प्रधानमंत्री सदन में मौजूद है तो विपक्ष हंगामा कर रहा है। इससे विपक्ष की नीयत साफ जाहिर होती है।
अरुण जेटली ने कहा कि मुझे पहले इस बात का शक था अब यकीन भी हो गया है कि विपक्ष काले धन के मसले पर बहस चाहता ही नहीं है। वह किसी भी तरह से सदन को सिर्फ बाधित करना चाहता है।