एस. जयशंकर, विदेश मंत्री
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विदेश मंत्री एस जयशंकर ने शनिवार को ब्रिटिश विदेश मंत्री डेविड लैमी से टेलीफोन पर बातचीत की। दोनों नेताओं ने यूक्रेन संघर्ष से जुड़े हालिया घटनाक्रम और इससे जुड़े अंतरराष्ट्रीय प्रयासों पर चर्चा की, जिसमें अमेरिका-रूस शिखर वार्ता भी शामिल थी। जयशंकर को यह कॉल ब्रिटेन के विदेश मंत्री की ओर से आया था।
जयशंकर ने बातचीत के बाद सोशल मीडिया पर लिखा, हमारी चर्चा में यूक्रेन से जुड़े हालिया घटनाक्रम और अन्य मुद्दे शामिल रहे। बातचीत में अमेरिका और रूस के बीच हुई हालिया शिखर बैठक पर भी चर्चा हुई। बातचीत के दौरान दोनों मंत्रियों ने अन्य द्विपक्षीय और वैश्विक मुद्दों पर भी विचार-विमर्श किया।
दरअसल, शुक्रवार को अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अलास्का में मुलाकात की थी। इस बैठक में यूक्रेन युद्धविराम को लेकर सहमति बनाने की कोशिश हुई, लेकिन किसी ठोस समझौते पर बात नहीं बन सकी। भारत लगातार कहता आया है कि यूक्रेन संकट का हल संवाद और कूटनीति से ही निकलेगा। भारत ने कई मौकों पर कहा है कि युद्ध केवल मानवीय संकट को गहराता है और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी असर डालता है।
दक्षिण कोरिया के विदेश मंत्री से मिले जयशंकर
इससे पहले विदेश मंत्री एस जयशंकर ने शनिवार को दक्षिण कोरिया के अपने समकक्ष मंत्री चो ह्यून से मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच हुई बातचीत काफी सकारात्मक रही। बैठक में तय हुआ कि भारत और दक्षिण कोरिया अब सेमीकंडक्टर, स्वच्छ ऊर्जा, रक्षा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) जैसे नए क्षेत्रों में मिलकर काम करेंगे। इसके अलावा व्यापार बढ़ाने, समुद्री सहयोग और लोगों के बीच संपर्क मजबूत करने पर भी चर्चा हुई।
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