केरल के लोकसभा सांसद अदूर प्रकाश को लिखे पत्र में विदेश मंत्री ने कहा कि तमिलनाडु के पांच और केरल के तीन मछुआरों और उनके मछली पकड़ने वाली नौका को सात-आठ मार्च की रात आसेह की समुद्री पुलिस ने व्यापार परमिट के बिना इंडोनेशियाई जल में मछली पकड़ने के लिए हिरासत में लिया था। अदूर प्रकाश ने गत 16 मार्च को शून्यकाल के दौरान निचले सदन में यह मुद्दा उठाया था।
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने शनिवार को इंडोनेशिया-सेशेल्स में हिरासत में लिए गए भारतीय मछुआरों को वापस लाने को लेकर अहम बयान दिया। उन्होंने कहा कि इंडोनेशिया और सेशेल्स में हिरासत में लिए गए 13 भारतीय मछुआरों को वापस लाने के लिए भारतीय मिशन स्थानीय अधिकारियों के साथ मिलकर प्रयास कर रहे हैं। केरल के लोकसभा सांसद अदूर प्रकाश को लिखे पत्र में विदेश मंत्री ने कहा कि तमिलनाडु के पांच और केरल के तीन मछुआरों और उनके मछली पकड़ने वाली नौका को सात-आठ मार्च की रात आसेह की समुद्री पुलिस ने व्यापार परमिट के बिना इंडोनेशियाई जल में मछली पकड़ने के लिए हिरासत में लिया था। अदूर प्रकाश ने 16 मार्च को शून्यकाल के दौरान निचले सदन में यह मुद्दा उठाया था।
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जयशंकर ने कहा कि केरल और तमिलनाडु के अधिकारियों ने सभी आठ मछुआरों की भारतीय नागरिकता की पुष्टि की है। भारतीय महावाणिज्य दूतावास के अधिकारियों ने मछुआरों से मुलाकात भी की है और वे स्वस्थ हैं। मंत्री ने 19 अप्रैल को लिखे अपने पत्र में कहा है कि उचित भोजन, कपड़े और स्वच्छता की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए हमारा महावाणिज्य दूतावास भी स्थानीय अधिकारियों के साथ नियमित संपर्क में है। वे इन मछुआरों के भारत वापस भेजने सहित सभी कानूनी प्रक्रियाओं पर स्थानीय अधिकारियों से परामर्श कर रहे हैं।
विदेश मंत्री के पत्र की प्रति सांसद के कार्यालय ने उपलब्ध कराई है। पत्र में कहा गया है कि 61 मछुआरों के साथ मछली पकड़ने वाली पांच भारतीय नौकाओं को क्रमशः छह और 10 मार्च को सेशेल्स तटरक्षक बल ने पकड़ा था। जयशंकर ने कहा है कि मछली पकड़ने वाले पांच जहाजों के पांच कप्तान को छोड़कर शेष 56 मछुआरों को 22 मार्च को छोड़ दिया गया था और वे लोग पहले ही भारत पहुंच चुके हैं। विदेश मंत्री ने कहा कि हम शेष पांच भारतीय नागरिकों को वापस लाने के लिए सेशेल्स की सरकार से संवाद करना जारी रखेंगे।
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मॉरीशस के प्रधानमंत्री के साथ भी चर्चा की
वहीं, जयशंकर ने शनिवार को मॉरीशस के प्रधानमंत्री प्रविंद कुमार जगन्नाथ से भेंटकर विकास साझेदारी और आर्थिक सहयोग को बढ़ाने पर चर्चा की। भारत की एक सप्ताह लंबी यात्रा पर आए जगन्नाथ ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भेंट कर विभिन्न क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग पर चर्चा की थी। जयशंकर ने जगन्नाथ से मुलाकात के दौरान कहा कि भारत मॉरीशस के साथ अपने विशेष संबंध के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
भारत-जर्मनी के बीच हुई अहम बैठक
भारत के विभिन्न पर्यावरण और ऊर्जा से संबंधित मंत्रालयों के अधिकारियों ने शनिवार को जर्मन आर्थिक सहयोग और विकास मंत्रालय के राज्य सचिव जोचेन फ्लैसबार्थ के साथ चर्चा की। इस दौरान नवीकरणीय ऊर्जा और जलवायु तटस्थता पर दोनों देशों के बीच सहयोग बढ़ाने पर बात हुई। चर्चा 2030 तक अक्षय स्रोतों के माध्यम से बिजली उत्पादन को 500 गीगावॉट तक बढ़ाने और 2070 तक 'जलवायु तटस्थता' तक पहुंचने के लिए भारत-जर्मनी के सहयोग के इर्द-गिर्द हुई। भारत के पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, ऊर्जा मंत्रालय, नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय और कोयला मंत्रालय के अधिकारियों ने जर्मन अधिकारी के साथ बैठक की।