ब्रिटेन, IAEA और नेपाल के नेताओं से चर्चा
विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने बताया, रायसीना 2025 में ब्रिटेन के एनएसए जोनाथन पॉवेल से मुलाकात की। द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और वैश्विक सुरक्षा मामलों पर विचारों का आदान-प्रदान किया। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) के महानिदेशक राफेल मारियानो ग्रोसी से भी मुलाकात की और परमाणु सुरक्षा एवं अप्रसार (नॉन-प्रोलिफरेशन) पर चर्चा की। नेपाल के विदेश मंत्री अर्जू राणा देउबा के साथ भी जयशंकर ने भारत-नेपाल सहयोग के कई पहलुओं पर बातचीत की।
लग्जमबर्ग, फिलीपींस के विदेश मंत्रियों से बातचीत
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लग्जमबर्ग, फिलीपींस और मालदीव के विदेश मंत्रियों से बातचीत
विदेश मंत्री जयशंकर ने लग्ज़मबर्ग के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री जेवियर बेटेल से मुलाकात कर संयुक्त राष्ट्र सुधार, यूक्रेन संकट और भारत-यूरोपीय संघ साझेदारी पर चर्चा की। वहीं फिलीपींस के विदेश मंत्री एनरिके ए. मानालो से कनेक्टिविटी, समुद्री सहयोग, बुनियादी ढांचे और आसियान साझेदारी पर बातचीत की। जबकि मालदीव के विदेश मंत्री अब्दुल्ला खलील से मुलाकात कर भारत-मालदीव द्विपक्षीय सहयोग की प्रगति की समीक्षा की।
लातविया, एंटीगुआ, थाईलैंड और पेरू के विदेश मंत्रियों से भी मिले
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लातविया, एंटीगुआ, थाईलैंड और पेरू के विदेश मंत्रियों से भी मिले
विदेश मंत्री जयशंकर ने लातविया की विदेश मंत्री बैबा ब्राजे से मुलाकात कर यूक्रेन संकट और यूरोपीय संघ के साथ भारत के संबंधों पर चर्चा की। वहीं उन्होंने एंटीगुआ और बारबुडा के विदेश मंत्री चेत ग्रीन से बातचीत कर स्वास्थ्य, शिक्षा, खेल और क्षमता निर्माण में सहयोग पर चर्चा की। जबकि, थाईलैंड के विदेश मंत्री पूनमारिस से डिजिटल, कनेक्टिविटी और खाद्य सुरक्षा सहयोग पर चर्चा की और बिम्सटेक साझेदारी को और मजबूत बनाने पर जोर दिया। इसके साथ ही पेरू के विदेश मंत्री एलमर शियालेर साल्सेडो से राजनीतिक, आर्थिक और बुनियादी ढांचा सहयोग के अवसरों पर चर्चा की। इस दौरान भारत और पेरू के राष्ट्रीय अभिलेखागार के बीच सूचना और दस्तावेजों के आदान-प्रदान को लेकर एक समझौते पर हस्ताक्षर भी हुए।