भारत 2026 में संयुक्त राष्ट्र समर्थित किम्बर्ली प्रोसेस का अध्यक्ष बनने जा रहा है। इस बात को लेकर विदेश मंत्री एस जयशंकर ने भारत की तारीफ की है। उन्होंने कहा कि भारत का अध्यक्ष बनना देश की हीरे के वैश्विक व्यापार में नेतृत्व क्षमता को दर्शाता है।
भारत के लिए साल 2026 कई मायनों में खास रहने वाला है। इसकी शुरुआत तब हो गई जब भारत 2026 से संयुक्त राष्ट्र समर्थित किम्बर्ली प्रोसेस (केपी) का अध्यक्ष चुना गया। ऐसे में अब विदेश मंत्री एस जयशंकर ने गुरुवार को कहा कि भारत का 2026 से संयुक्त राष्ट्र समर्थित किम्बर्ली प्रोसेस (केपी) का अध्यक्ष चुना जाना देश की अंतरराष्ट्रीय हीरे के व्यापार में नेतृत्व क्षमता का संकेत है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफर्म एक्स पर पोस्ट में लिखा कि भारत का यूएन-समर्थित किम्बर्ली प्रोसेस का अध्यक्ष चुना जाना खुशी की बात है।
इसके अलावा, केपी के तहत डेटा आधारित निगरानी के माध्यम से पारदर्शिता बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा, ताकि हीरों के व्यापार में भरोसा मजबूत हो सके। भारत का लक्ष्य यह भी है कि संघर्ष-रहित हीरों में उपभोक्ताओं का विश्वास और बढ़ाया जाए। साथ ही, भारत KP को एक और अधिक समावेशी और प्रभावी बहुपक्षीय मंच बनाने की दिशा में काम करेगा, जिससे सभी प्रतिभागियों और पर्यवेक्षकों का भरोसा मजबूत होगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इस कदम से भारत की अंतरराष्ट्रीय हीरे के व्यापार में स्थिति और विश्वसनीयता दोनों बढ़ने की उम्मीद है।
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2003 से लागू है किम्बर्ली प्रोसेस सर्टिफिकेशन स्कीम