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India-Iran: BRICS बैठक के दौरान विदेश मंत्री जयशंकर और अराघची की मुलाकात, पश्चिम एशिया की स्थिति पर हुई चर्चा

Fri, 15 May 2026 01:12 PM IST
रिया दुबे नई दिल्ली, एएनआई

सार

नई दिल्ली में ब्रिक्स विदेश मंत्रियों की बैठक के इतर विदेश मंत्री एस जयशंकर ने ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघाची से मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच पश्चिम एशिया की स्थिति, उसके वैश्विक प्रभाव और द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा हुई। 
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एस जयशंकर और अब्बास अराघची की बैठक - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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विदेश मंत्री एस जयशंकर ने शुक्रवार को ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची के साथ द्विपक्षीय बैठक की। दोनों नेताओं के बीच पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति, उसके वैश्विक प्रभाव और भारत-ईरान संबंधों को लेकर विस्तार से चर्चा हुई।
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विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी देते हुए कहा कि उनकी ईरानी समकक्ष के साथ विस्तृत बातचीत हुई। उन्होंने बताया कि बैठक में पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और उसके असर पर गंभीर चर्चा की गई। इसके साथ ही दोनों देशों से जुड़े आपसी हितों के मुद्दों पर भी विचारों का आदान-प्रदान हुआ।
 

जयशंकर ने ब्रिक्स बैठक में ईरान की भागीदारी की सराहना करते हुए कहा कि भारत 2026 में ब्रिक्स की मेजबानी कर रहा है और ऐसे समय में सदस्य देशों के बीच संवाद बेहद अहम है।

पीएम मोदी ने अराघची से की थी मुलाकात

इससे पहले गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची से मुलाकात की थी। यह बैठक भी ब्रिक्स विदेश मंत्रियों की बैठक के दौरान हुई। दोनों नेताओं के बीच क्षेत्रीय स्थिरता, सहयोग और बहुपक्षीय साझेदारी को मजबूत करने पर चर्चा हुई। इसे भारत और ईरान के बीच रणनीतिक संबंधों के लिहाज से अहम माना जा रहा है।

अमेरिका को लेकर क्या बोले अराघची

वहीं, ब्रिक्स बैठक को संबोधित करते हुए ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिका पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि दुनिया के कई देश अमेरिकी दबाव और धौंस का सामना कर रहे हैं और अब समय आ गया है कि ब्रिक्स देश मिलकर इसका जवाब दें।
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अराघची ने कहा कि इस कमरे में मौजूद लगभग हर देश किसी न किसी रूप में अमेरिकी दबाव का सामना कर चुका है। अब हमें एकजुट होकर यह स्पष्ट करना होगा कि ऐसी नीतियों को इतिहास के कूड़ेदान में फेंक दिया जाना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि आज कई देश पहले से कहीं ज्यादा करीब आए हैं और सभी एक साझा चुनौती का सामना कर रहे हैं। अराघची ने अमेरिका का नाम लिए बिना कहा कि गिरते हुए साम्राज्य अपने पतन को रोकने के लिए हर संभव कोशिश करते हैं।

नई दिल्ली में 14 और 15 मई को आयोजित हो रही ब्रिक्स विदेश मंत्रियों की बैठक में दुनिया के कई प्रमुख देशों के प्रतिनिधि शामिल हुए हैं। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच यह मंच वैश्विक कूटनीतिक संवाद और रणनीतिक संतुलन के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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