कांग्रेस नेता जयराम रमेश (फाइल फोटो)
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जलवायु परिवर्तन के मुद्दे पर बोलते हुए कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने सोमवार को कहा कि मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल में 2016 में किए गए संशोधनों में शामिल होने के लिए भारत को बहुत कोशिशें करनी पड़ी थी। उन्होंने कहा कि मनमोहन सरकार के दौरान प्रोटोकॉल में भारत के शामिल होने की दिशा में सफलता मिली थी।
दुनिया पर्यावरण पर पड़ रहे प्रभावों से चिंतित- जयराम
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट करते हुए कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा कि विश्व में प्रदूषण, जैव विविधता के नुकसान और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को लेकर खासा चिंता है। पर्यावरण से जुड़ी अच्छी खबर हमेशा खुशी लाती है। साथ ही उन्होंने लिखा कि ओजोन परत 2040 तक दुनिया के ज्यादातर हिस्सों में 1980 के स्तर पर बहाल हो जाएगी। उन्होंने कहा कि हाइड्रोफ्लोरोकार्बन की खपत और उत्पादन को कम करने के लिए मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल है, जो 1989 में लागू हुआ। जिसमें 2016 में महत्वपूर्ण संशोधन किए गए।
मनमोहन सरकरा के दौरान मिली थी पहली सफलता- जयराम
पोस्ट में लिखते हुए उन्होंने कहा कि मुझे याद है कि भारत को इन संशोधनों पर सहमत होने में कितना समय लगा, पहली सफलता 2013 को राष्ट्रपति ओबामा और तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के संयुक्त बयान से मिली थी। आज सत्ता में बैठे लोगों द्वारा भारत के रुख में बदलाव की तत्काल आलोचना की गई।