कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने सरकार द्वारा दिए जा रहे कई पर्यावरण क्लीयरेंस प्रमाणपत्र पर सवाल उठाया है। उन्होंने कहा है कि कोरोना काल में लोग यह महसूस कर रहे हैं कि प्रकृति से कम से कम छेड़छाड़ किया जाना चाहिए, ऐसे समय में सरकार पर्यावरण क्लीयरेंस के नाम पर ऐसे प्रोजेक्ट को अनुमति दे रही है जिससे पर्यावरण में बड़ा असंतुलन पैदा होगा। इनमें कई ऐसे प्रोजेक्ट भी शामिल हैं जिसे सामान्य स्थितियों में भी अनुमति नहीं मिलनी चाहिए थी। अपना विरोध जताते हुए राज्यसभा सदस्य जयराम रमेश ने पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर को पत्र लिखकर ऐसे फैसलों को वापस लेने की अपील की है।
जानकारी के मुताबिक, लॉक डाउन के दौरान सरकार ने वर्चुअल बैठकों के दौरान कई ऐसे प्रोजेक्ट्स को अनुमति दिया है जिससे प्रकृति को गंभीर नुकसान पहुंच सकता है। आरोप लगाया जा रहा है कि कई प्रोजेक्ट्स को अनुमति दिए जाने के पहले उन जगहों का दौरा तक नहीं किया गया जो कि ऐसे मामलों में अनिवार्य है। इसे देखते हुए जयराम रमेश ने इन फैसलों पर गहरी नाराजगी जाहिर करते हुए इन्हें वापस लेने की मांग की है।