जयपुर साहित्य सम्मेलन में सोमवार को बांग्लादेशी लेखिका और कार्यकर्ता तस्लीमा नसरीन के अचानक हुए सत्र में एक छोटा सा विरोध प्रदर्शन हुआ। इसके बाद आयोजनकर्ताओं ने उन्हें अगले साल से सम्मेलन में नहीं बुलाने का निर्णय लिया है।
जेएलएफ के आयोजनकर्ता संजय के रॉय ने कहा कि विरोध करने वालों ने अपना दुख प्रकट किया और हम अल्पसंख्यकों का हर तरीके से समर्थन करते हैं। उन्होंने विशेष रुप से इस बात को कहा कि यह सभी तरह के विचारों का मंच है। हम उनकी बातों से सहमत हैं और नसरीन को नहीं बुलाने के उनके आग्रह पर विचार करेंगे। सोमवार को राजस्थान मुस्लिम मंच, आल इंडिया मिली परिषद, जमात-ए-इस्लामी और मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने नसरीन का विरोध करते हुए कहा था कि लेखिका एक विवादित हस्ती हैं। गौरतलब है कि नसरीन, कट्टरपंथियों के गुस्से का सामना करने के बाद 1994 से ही निर्वासन झेल रही हैं। उन्होंने मांग की कि आगे से लेखिका को इस मंच पर आमंत्रित ना किया जाए।
वुमेन इंडिया मूवमेंट की राज्य अध्यक्ष मेहरुन्निसा खान ने कहा कि हमने आयोजनकर्ताओं के साथ बैठक की जिसमें आयोजनकर्ता संजय रॉय ने वादा किया कि वे अगले साल से सलमान रुश्दी और तस्लीमा नसरीन जैसी विवादित हस्तियों को इस मंच पर नहीं बुलाएंगे।