फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Parasnath Hills: झारखंड सरकार श्री सम्मेद शिखरजी को तीर्थ क्षेत्र घोषित कर समुदाय को सौंपे, जैन महासंघ की मांग

Fri, 06 Jan 2023 08:07 PM IST
Jeet Kumar एएनआई, चेन्नई

सार

जैन महासंघ के एक प्रतिनिधियों ने कहा कि हम केंद्र के फैसले का स्वागत करते हैं और मांग करते हैं कि झारखंड सरकार इसे एक पवित्र स्थान के रूप में नामित करे और इसे समुदाय को सौंप दे।
विज्ञापन
जैन मुनि और समाज के लोग - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

श्री सम्मेद शिखरजी को 'पवित्र' पर्यटन स्थल घोषित करने के फैसले को लेकर जैन समाज के साथ अन्य समुदाय के लोग लगातार देशभर में प्रदर्शन कर रहे हैं। मामला बढ़ता देख केंद्र और झारखंड सरकार ने अपने बयान जारी किए हैं और केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय की ओर से जारी अधिसूचना में सभी पर्यटन और इको टूरिज्म गतिविधि पर पर रोक लगाने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं तमिलनाडु जैन महासंघ के प्रतिनिधियों ने चेन्नई में सरकार के फैसले के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया।

विज्ञापन


जैन महासंघ के एक प्रतिनिधियों ने कहा कि हम केंद्र के फैसले का स्वागत करते हैं और मांग करते हैं कि झारखंड सरकार इसे एक पवित्र स्थान के रूप में नामित करे और इसे समुदाय को सौंप दे। उन्होंने कहा कि जैन समुदाय झारखंड सरकार की पर्यटन नीति का विरोध करता रहा है, जिसका उद्देश्य श्री सम्मेद शिखरजी को पारसनाथ पहाड़ियों में पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करना है।

वहीं केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने ट्वीट किया कि जैन समुदाय के सदस्यों से मिला, जो सम्मेद शिखर की पवित्रता की रक्षा करने का आग्रह कर रहे हैं। उन्हें आश्वासन दिया कि पीएम मोदी की सरकार सम्मेद शिखर सहित जैन समुदाय के सभी धार्मिक स्थलों पर उनके अधिकारों को संरक्षित और संरक्षित करने के लिए प्रतिबद्ध है। मंत्रालय ने इस मुद्दे पर तुरंत संज्ञान लेते हुए, इको-सेंसिटिव जोन अधिसूचना के क्लॉज तीन को लागू करने पर तत्काल रोक लगा दी है, जिसमें पर्यटन और इको-टूरिज्म गतिविधियां शामिल हैं।
विज्ञापन


उन्होंने आगे कहा कि सम्मेद शिखर पारसनाथ वन्यजीव अभयारण्य और तोपचांची वन्यजीव अभयारण्य के पर्यावरण-संवेदनशील क्षेत्र में आता है। आगे कहा कि सम्मेद शिखर पारसनाथ वन्यजीव अभयारण्य और तोपचांची वन्यजीव अभयारण्य के पर्यावरण-संवेदनशील क्षेत्र में आता है। ऐसी निषिद्ध गतिविधियों की एक सूची है जो निर्दिष्ट पर्यावरण-संवेदनशील क्षेत्र में और उसके आसपास नहीं हो सकती हैं। प्रतिबंधों का अक्षरशः पालन किया जाएगा।

श्री सम्मेद शिखर पर केंद्र के फैसले पर बोले झारखंड के मंत्री बन्ना गुप्ता
झारखंड के मंत्री बन्ना गुप्ता ने कहा कि केंद्र सरकार के फैसले से सहमत हूं, श्री सम्मेद शिखर एक धार्मिक स्थल बना रहना चाहिए। साथ ही कहा कि हमारी सरकार उनकी (जैन समुदाय) भावनाओं का सम्मान करती है। सीएम और सरकार किसी भी समुदाय, धर्म की भावनाओं के खिलाफ काम नहीं करेगी।

सीएम हेमंत सोरेन ने जताई चिंता
श्री सम्मेद शिखरजी मुद्दे पर झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन ने कहा कि हम भी इस मुद्दे को लेकर चिंतित हैं, कोई समाधान निकलना चाहिए। केंद्र सरकार की भी यही मंशा है।  इस समय हमारे सभी वरिष्ठ अधिकारी दिल्ली में हैं। उनके वापस आने के बाद हम इस मुद्दे पर चर्चा करेंगे

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें