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हवारा की जेल बदलने पर आईबी का अलर्ट: पंजाब चुनाव पर असर की आशंका; सुप्रीम कोर्ट में क्या हुआ? पूरी वजह जानें

Tue, 03 Nov 2026 03:03 PM IST
राकेश कुमार पीटीआई, नई दिल्ली।

सार

पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह की हत्या के दोषी जगतार सिंह हवारा को तिहाड़ जेल से पंजाब स्थानांतरित करने की मांग पर आईबी ने सुप्रीम कोर्ट में चिंता जताई है। एजेंसी का कहना है कि हवारा हाई रिस्क कैदी है और उसे पंजाब भेजने से आगामी विधानसभा चुनावों पर बड़ा असर पड़ सकता है। दिल्ली सरकार ने भी उसके फरार होने की आशंका और राज्य की कानून-व्यवस्था का हवाला देकर स्थानांतरण का विरोध किया है। सुप्रीम कोर्ट अब इस मामले में अगले साल फरवरी में सुनवाई करेगा।
 
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हवारा की जेल बदली का विरोध - फोटो : @अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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खालिस्तानी आतंकी संगठन बब्बर खालसा के सदस्य और पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह की हत्या के दोषी जगतार सिंह हवारा को दिल्ली की तिहाड़ जेल से पंजाब की किसी जेल में भेजने का मामला एक बार फिर चर्चा में है। मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में खुफिया ब्यूरो (आईबी) ने कहा कि हवारा को पंजाब की जेल में स्थानांतरित करने से आगामी विधानसभा चुनावों पर बड़ा असर पड़ सकता है। एजेंसी ने उसे हाई रिस्क श्रेणी का कैदी बताया और कहा कि उसे पंजाब नहीं भेजा जाना चाहिए। पंजाब विधानसभा की 117 सीटों पर अगले साल की शुरुआत में चुनाव होने हैं।
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सुप्रीम कोर्ट में आईबी की रिपोर्ट पर क्या हुआ?
इस मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति एमएम सुंदरेश और न्यायमूर्ति पीबी वराले की पीठ कर रही थी। पीठ ने वरिष्ठ अधिवक्ता एस मुरलीधर से कहा कि आईबी की रिपोर्ट बेहद गंभीर है। इस पर मुरलीधर ने अदालत से कहा, 'अगर चुनाव चिंता का विषय हैं तो इस मामले पर तीन महीने बाद सुनवाई की जा सकती है।' इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई अगले साल फरवरी में तय कर दी। इससे पहले शीर्ष अदालत ने दिल्ली सरकार को निर्देश दिया था कि हवारा की याचिका पर आईबी से राय ली जाए।

दिल्ली सरकार ने क्या दलील दी?
दिल्ली सरकार की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि हवारा पहले जेल से फरार होने की घटना में शामिल रहा है। बेअंत सिंह की हत्या के मामले में उसे सुनाई गई मौत की सजा को बाद में उम्रकैद में बदल दिया गया था। भाटी ने दलील दी कि उसे पंजाब की जेल में भेजने से दोबारा फरार होने की आशंका बढ़ सकती है। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से हाई रिस्क कैदियों के स्थानांतरण को लेकर जारी सलाह का भी हवाला दिया। साथ ही पंजाब सरकार के हलफनामे का जिक्र करते हुए कहा कि हवारा को राज्य की जेल में भेजने से वहां की कानून-व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। उन्होंने यह भी बताया कि हवारा चंडीगढ़ जेल में सुरंग खोदने के मामले में दोषी ठहराया जा चुका है।
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हवारा जेल से कब और कैसे फरार हुआ था?
यह घटना 22 जनवरी 2004 की है। उस समय हवारा अपने तीन अन्य साथियों परमजीत सिंह भेओरा, तारा और हत्या के एक अन्य दोषी देवी सिंह के साथ चंडीगढ़ की बुड़ैल जेल से फरार हो गया था। चारों ने जेल से बाहर निकलने के लिए करीब 100 फुट लंबी सुरंग खोदी थी। हवारा और भेओरा को अगले दो वर्षों के भीतर दोबारा गिरफ्तार कर लिया गया। तारा को थाईलैंड में पकड़ा गया, जबकि देवी सिंह अब भी फरार है और उसे घोषित अपराधी करार दिया गया है।

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हवारा ने जेल बदलने के लिए सुप्रीम कोर्ट में क्या वजह बताई?
हवारा ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर तिहाड़ जेल से पंजाब की किसी जेल में स्थानांतरित करने की मांग की है। उसका कहना है कि वह पंजाब के फतेहगढ़ साहिब जिले का रहने वाला है और जिस मामले में उम्रकैद काट रहा है, वह भी पंजाब से जुड़ा है। याचिका के मुताबिक, बेअंत सिंह की हत्या के बाद उसके खिलाफ 36 मामले दर्ज किए गए थे, जिन्हें उसने झूठा बताया है। इनमें से एक को छोड़कर बाकी सभी मामलों में उसे बरी कर दिया गया। याचिका में यह भी कहा गया कि उसी मामले में दोषी ठहराए गए और जेल से फरार होने की घटना में शामिल एक अन्य व्यक्ति को तिहाड़ से चंडीगढ़ की जेल में स्थानांतरित किया जा चुका है। हवारा का तर्क है कि कई साल पहले उसे हाई रिस्क कैदी मानने का आधार आज भी उसे दिल्ली में रखने के लिए पर्याप्त नहीं है। उसने यह भी बताया कि उसकी बेटी पंजाब में रहती है।
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हवारा को मार्च 2007 में निचली अदालत ने मौत की सजा सुनाई थी। अक्तूबर 2010 में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने इसे उम्रकैद में बदल दिया था और निर्देश दिया था कि उसे शेष जीवन जेल में ही बिताना होगा। हाईकोर्ट के इस फैसले के खिलाफ हवारा और अभियोजन पक्ष की अपीलें सुप्रीम कोर्ट में लंबित हैं। यह मामला 31 अगस्त 1995 को चंडीगढ़ में सिविल सचिवालय के प्रवेश द्वार पर हुए बम धमाके से जुड़ा है। इस हमले में तत्कालीन मुख्यमंत्री बेअंत सिंह समेत 17 लोगों की मौत हुई थी।
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