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'जागो बांग्ला': कांग्रेस 'युद्ध से थकी', अंदरूनी कलह से टूटी हुई पार्टी, तृणमूल ने खुद को बताया 'असली कांग्रेस'

Wed, 08 Dec 2021 10:37 PM IST
सुरेंद्र जोशी पीटीआई, कोलकाता

सार

विपक्ष के नेतृत्व के मुद्दे को लेकर इन दिनों ममता बनर्जी नीत टीएमसी और कांग्रेस के बीच जुबानी जंग जारी है। तृणमूल ने अपने मुखपत्र 'जागो बांग्ला' में दोहराया कि वह भाजपा से लड़ने के लिए वचनबद्ध है।
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ममता बनर्जी (फाइल फोटो) - फोटो : पीटीआई
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विस्तार
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सोनिया गांधी नीत कांग्रेस व ममता बनर्जी नीत तृणूल कांग्रेस के बीच सियासी जंग व वर्चस्व की लड़ाई तेज होती जा रही है। पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस ने बुधवार को अपने मुख पत्र 'जागो बांग्ला' में कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। तृणमूल ने कहा कि वह अब 'असली कांग्रेस' है। 'युद्ध से थकी' भव्य पुरानी पार्टी (कांग्रेस) मुख्य विपक्षी दल के रूप में अपनी भूमिका निभाने में विफल रही है।

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विपक्ष के नेतृत्व के मुद्दे को लेकर इन दिनों ममता बनर्जी नीत टीएमसी और कांग्रेस के बीच जुबानी जंग जारी है। तृणमूल ने अपने मुखपत्र 'जागो बांग्ला' में दोहराया कि वह भाजपा से लड़ने के लिए वचनबद्ध है।

टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी की नई दिल्ली में पार्टी के सांसदों के साथ बैठक का विवरण साझा करते हुए लेख में कहा गया. ' कांग्रेस प्रमुख विपक्ष के झंडे को आगे बढ़ाने में असमर्थ है। कांग्रेस को भाजपा के रथ को रोकना था। वह केंद्र में मुख्य विपक्षी दल है, लेकिन उदासीन, 'युद्ध से थकी, बोझिल, अंदरूनी कलह और गुटबाजी से टूटी हुई है। समय किसी की प्रतीक्षा नहीं करता है। किसी को तो आगे आना होगा। तृणमूल कांग्रेस यह जिम्मेदारी निभाएगी। वह ही  असली कांग्रेस है।'
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ममता ने कहा- बंगाल में सरकारी नौकरियों के लिए स्थानीय भाषा का ज्ञान जरूरी
दूसरी ओर, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि राज्य सरकार की नौकरियों में भर्ती के दौरान स्थानीय लोगों और स्थानीय भाषा जानने वालों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। बनर्जी ने कहा कि यह चलन प्रशासनिक कार्य को सुचारू बनाएगा। मुख्यमंत्री ने यहां प्रशासनिक समीक्षा बैठक के दौरान कहा कि यह मैं सभी राज्यों को कह रही हूं। पश्चिम बंगाल में, अगर कोई व्यक्ति राज्य से है, तो उसे राज्य सरकार की नौकरियों में भर्ती के दौरान प्राथमिकता मिलनी चाहिए, भले ही उसकी मातृभाषा बंगाली न हो। मुझे इससे कोई आपत्ति नहीं है।

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