उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने गुरुवार को कहा कि सांसदों को अनुकरणीय आचरण का प्रदर्शन करना चाहिए। धनखड़ की टिप्पणी आज हुई उस घटना को लेकर आई है। जिसमें संसद परिसर में बाबासाहेब आंबेडकर से संबंधित मुद्दे पर विपक्ष और सत्तापक्ष के सदस्यों ने कथित तौर पर धक्का-मुक्की की थी। इसमें भारतीय जनता पार्टी के दो सांसद - प्रताप सारंगी और मुकेश राजपूत चोटिल हो गए, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।
उपराष्ट्रपति धनखड़ ने आगाह किया कि अगर संसद लोगों की समस्या का समाधान करने में विफल होकर केवल संवाद, बहस और चर्चा का केंद्र रह जाती है, तो यह अप्रासंगिक हो जाएगी और हमारे लोकतांत्रिक मूल्यों पर इसका गंभीर असर होगा। संसद परिसर में भारतीय वन सेवा के परिवीक्षाधीन अधिकारियों के एक समूह को संबोधित करते हुए धनखड़ ने कहा कि राष्ट्रवाद के प्रति दृढ़ प्रतिबद्धता और राष्ट्रीय हित को हर चीज से ऊपर रखना जरूरी है।
राज्यसभा के सभापति ने कहा कि अगर राष्ट्रीय सुरक्षा या विकास के मुद्दों को राजनीतिक चश्मे से देखा जाता है, तो हम संविधान की अपनी शपथ के प्रति सच्चे रहने में विफल हो जाते हैं। उपराष्ट्रपति ने आगे कहा कि, सांसदों को अनुकरणीय आचरण का प्रदर्शन करना चाहिए। यदि संसद संवाद, बहस और चर्चा का केंद्र नहीं बन पाती है, तो वह लोगों के मुद्दों को संबोधित करने में विफल रहती है।
राहुल गांधी नेता प्रतिपक्ष उनको अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिएः मेघवाल
केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने राहुल गांधी पर लगे धक्कामुक्की के आरोप पर कहा कि वह नेता प्रतिपक्ष हैं, उन्हें अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए। उन्होंने कहा कि गांधी घायल हुए भारतीय जनता पार्टी के सांसद प्रताप सारंगी का हालचाल जानने भी नहीं गए। कानून मंत्री ने कहा, वो (राहुल गांधी) तो शारीरिक प्रदर्श, धक्का मुक्की करते हुए आए।
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि भाजपा और विपक्षी दलों के सांसदों के बीच हाथापाई के बीच सारंगी और मुकेश राजपूत सहित दो भाजपा सांसदों को गंभीर चोटें आईं। मेघवाल ने कहा कि कम से कम चार सांसदों ने हाथापाई की शिकायत की है। शीतकालीन सत्र शुरू होने के बाद से ही विपक्ष मकर द्वार पर विरोध प्रदर्शन कर रहा है। बृहस्पतिवार को पहली बार भाजपा-एनडीए सदस्यों ने विरोध प्रदर्शन किया। मेघवाल ने कहा, सभी सांसदों को विरोध करने का अधिकार है। उन्होंने (विपक्ष ने) सोचा कि यह केवल उनका अधिकार है।
उन्होंने कांग्रेस पर संसद में संविधान की बहस से ध्यान भटकाने का आरोप लगाया, जहां डॉ. आंबेडकर के संबंध में उनकी पोल खुल गई थी। उन्होंने कहा, उन्होंने (कांग्रेस) हमेशा बाबासाहेब के साथ अन्याय किया है। वे (संसद में) बहस के बाद अपने खुलासे से ध्यान भटकाना चाहते थे और इस तरह, अमित शाह का 10 सेकंड का वीडियो जारी किया। वे हमेशा से ऐसा करते रहे हैं। उनका अपमान किया। हम अस्पताल की रिपोर्ट के अनुसार कार्रवाई करेंगे।