पुडुचेरी में उपराष्ट्रपति ने जवाहरलाल स्नातकोत्तर चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (जेआईपीएमईआर) के छात्रों और कर्मचारियों को संबोधित किया। उन्होंने राष्ट्र प्रथम की भावना पर जोर दिया।
उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने सोमवार को विश्व शांति की स्थापना पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि किसी भी देश की प्रगति के लिए शांति आवश्यक है। यह मजबूत स्थिति से आती है। पुडुचेरी में उपराष्ट्रपति ने जवाहरलाल स्नातकोत्तर चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (जेआईपीएमईआर) के छात्रों और कर्मचारियों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्र सर्वप्रथम है और राष्ट्रीय सुरक्षा सभी राजनीतिक पक्षपातपूर्ण हितों से परे है।
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ऑपरेशन सिंदूर पर उन्होंने कहा कि दो महीने पहले जब पहलगाम में आतंकियों ने हमला किया था, तब हम सभी चिंतित, चिंतित और सदमे में थे। आतंकवादियों ने हमारे चरित्र को चुनौती दी। धनखड़ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र को वचन दिया कि हम आतंकवाद को कतई बर्दाश्त नहीं करेंगे।
उपराष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री के फैसले को सही साबित करने के लिए सशस्त्र बलों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया को यह सबूत मिल गया है कि यह एक अलग भारत है साहसी, आत्मविश्वासी लेकिन गणना करने वाला। प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा है कि युद्ध कोई समाधान नहीं है और हमें कूटनीति और वार्ता का सहारा लेना होगा। यह संदेश स्पष्ट रूप से जा चुका है।
कार्यक्रम में सीएम एन रंगासामी ने कहा कि पुडुचेरी में युवाओं को रोजगार की गारंटी देने के लिए औद्योगिक विकास की जरूरत है। हालांकि पर्यावरण की सुरक्षा का भी पूरा ध्यान रखा जाना चाहिए। प्रदेश सरकार प्रधानमंत्री की मंशा के अनुरूप सभी के लिए भोजन, आवास और गरीबी उन्मूलन सुनिश्चित करने के लिए योजनाएं लागू कर रही है। हम विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ेंगे।
कार्यक्रम में उपराज्यपाल के कैलाशनाथन, पुडुचेरी के सांसद वी वैथिलिंगम, जेआईपीएमईआर के निदेशक वीएस नेगी सहित अन्य ने भाग लिया। उपराष्ट्रपति ने जेआईपीएमईआर के परिसर में अपनी मां के नाम पर एक पौधा लगाया। उन्होंने राष्ट्र निर्माण में पर्यावरणीय स्थिरता की आवश्यकता भी बताई।