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बंगाल: जादवपुर विवि के दीवारों पर लिखे नारों को लेकर वीसी सख्त, छात्रों से बोले- सोशल मीडिया पर रखें अपनी बात

Wed, 02 Sep 2026 01:14 PM IST
शिवम गर्ग पीटीआई, कोलकाता

सार

जादवपुर यूनिवर्सिटी की दीवारों पर फिर ग्रैफिटी सामने आने के बाद कुलपति चिरंजीब भट्टाचार्य ने छात्रों से सोशल मीडिया पर अपनी बात रखने की अपील की है। उन्होंने कहा कि अभिव्यक्ति की आजादी के साथ कैंपस की शांति और स्वच्छता भी जरूरी है।
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जादवपुर विश्वविद्यालय - फोटो : Amar Ujala Graphics
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विस्तार
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जादवपुर विश्वविद्यालय के कुलपति चिरंजीब भट्टाचार्य ने परिसर की दीवारों पर लगातार हो रही लिखावट और ग्रैफिटी को लेकर छात्रों से संयम बरतने की अपील की है। उन्होंने छात्रों और शिक्षकों से विश्वविद्यालय की स्वतंत्र विचार और अभिव्यक्ति की परंपरा को बनाए रखते हुए कैंपस को स्वच्छ और शांत रखने की बात कही।

VC ने क्या कहा?

कुलपति चिरंजीब भट्टाचार्य ने कहा कि जादवपुर विश्वविद्यालय की पहचान लंबे समय से स्वतंत्र सोच और अभिव्यक्ति की परंपरा से रही है। उन्होंने कहा कि इस विरासत को बनाए रखते हुए परिसर को स्वच्छ, शांत और बेहतर शैक्षणिक माहौल वाला बनाए रखना भी जरूरी है। उन्होंने छात्रों और शिक्षकों से इसी संतुलन को बनाए रखने की अपील की है।

दीवारों पर लिखने के बजाय सोशल मीडिया का इस्तेमाल क्यों?

कुलपति ने एक खुले पत्र में कहा कि छात्रों को अपनी बात रखने के लिए सोशल मीडिया का अधिक इस्तेमाल करने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका सुझाव अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर रोक लगाने के लिए नहीं है, बल्कि विश्वविद्यालय की विरासत और पर्यावरण को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से है। भट्टाचार्य ने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने के अधिकार और विश्वविद्यालय के भौतिक वातावरण व शैक्षणिक माहौल को बनाए रखने के बीच संतुलन जरूरी है।

विवादित नारों के बाद फिर सामने आई ग्रैफिटी

कुलपति का यह बयान ऐसे समय आया है जब परिसर की दीवारों पर लिखे कुछ कथित आपत्तिजनक नारों को लेकर विवाद हुआ है। पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने पिछले सप्ताह जादवपुर विश्वविद्यालय परिसर से कथित राष्ट्रविरोधी नारों को हटाने का निर्देश दिया था। इसके बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने दीवारों पर लिखे विवादित नारों को सफेद रंग से ढक दिया था। हालांकि, इसके बाद परिसर की दीवारों पर फिर से नई ग्रैफिटी दिखाई देने लगी। इसी घटनाक्रम के बीच कुलपति ने छात्रों से सोशल मीडिया के जरिए अपनी राय रखने की अपील की है।

कौन से नारों को लेकर हुआ विवाद?

मुख्यमंत्री ने विश्वविद्यालय के कला संकाय की दीवारों पर लिखे कुछ नारों पर सवाल उठाया था। इनमें ‘'किशनजी को लाल सलाम' और 'कश्मीर को आज़ादी चाहिए' जैसे नारे शामिल थे। किशनजी एक शीर्ष माओवादी नेता थे, जिन्हें 2011 में पुलिस ने मार गिराया था। इसके कुछ महीने बाद पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस सत्ता में आई थी। सीएम शुभेंदु अधिकारी ने ऐसे नारों को आपत्तिजनक बताते हुए उनकी आलोचना की थी। उन्होंने कहा था कि जादवपुर विश्वविद्यालय जैसे ‘उत्कृष्ट संस्थान’ में इस तरह की संस्कृति के लिए जगह नहीं होनी चाहिए।
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