जादवपुर विश्वविद्यालय में रैगिंग के शिकार हुए प्रथम वर्ष के छात्र की मौत से पूरे राज्य में विरोध है। हंगामे के बीच, एलओपी और भाजपा विधायक सुवेंदु अधिकारी ने मामले में शिकायत दी। कोलकाता पुलिस ने कहा कि सुवेंदु की शिकायत पर जादवपुर पुलिस स्टेशन में केस दर्ज किया गया है। पुलिस ने कहा कि कल अधिक विवरण प्रस्तुत करने के लिए जादवपुर पीएस द्वारा उन्हें नोटिस भेजा गया था। वहीं एक मामले की सुनवाई करते हुए कलकत्ता हाईकोर्ट ने कहा कि हर संस्थान बुरे दौर से गुजरता है, चीजें बदल जाएंगी।
प्रतिष्ठित संस्थान में उचित शैक्षणिक माहौल सुनिश्चित करने के उपाय किए जाने का अनुरोध करने वाली एक जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही मुख्य न्यायाधीश टी.एस. शिवज्ञानम की अध्यक्षता वाली पीठ ने निर्देश दिया कि इस मामले में छात्रसंघ को भी पक्षकार बनाया जाए। जादवपुरविश्वविद्यालय को केंद्र सरकार के शिक्षा मंत्रालय के एनआईआरएफ (राष्ट्रीय संस्थागत रैंकिंग फ्रेमवर्क) द्वारा देश में चौथा स्थान दिया गया है।
पीठ में न्यायमूर्ति हिरण्मय भट्टाचार्य भी शामिल थे। पीठ ने कहा कि उसे विश्वास है कि विश्वविद्यालय में स्थिति में सुधार होगा। यह कहते हुए कि हर संस्थान बुरे दौर से गुजरता है, अदालत ने कहा कि हम अब भी बुरे दौर में हैं, चीजें बदल जाएंगी।
अदालत ने विश्वविद्यालय के अधिकारियों को सुनवाई की अगली तारीख पर यादवपुर विश्वविद्यालय अधिनियम, 1981, छात्र कल्याण, छात्र छात्रावासों के विनियमन और संबंधित मामलों के लिए विश्वविद्यालय द्वारा बनाए गए विभिन्न अध्यादेशों, विनियमों और नियमों का एक संकलन प्रस्तुत करने का निर्देश दिया अदालत ने सोमवार को निर्देश दिया कि मामले की सुनवाई पांच सितंबर को फिर से की जाएगी।
यह है मामला
स्नातक का एक छात्र 9 अगस्त यानी बुधवार को रात करीब पौने 12 बजे छात्रावास की दूसरी मंजिल की बालकनी से नीचे गिर गया था। उसे तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया। अगले दिन इलाज के दौरान उसकी मृत्यु हो गई। इसके बाद, परिवार ने आरोप लगाया कि बच्चे को लगातार परेशान किया जा रहा था। उसकी रैगिंग की जा रही थी, जिससे तंग आकर उसने जान दे दी।