पश्चिम बंगाल की जाधवपुर विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में मंगलवार को एमए की डिग्री लेने के बाद नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में उसकी प्रति फाड़ दी। इंटरनेशनल रिलेशन की छात्रा देबोस्मिता चौधरी ने कहा कि यह मेरा विरोध करने का तरीका है। छात्रा का कहना है कि उसने ऐसा इसलिए किया क्योंकि नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) देश के सच्चे नागरिक को अपनी नागरिकता साबित करने के लिए बाध्य करता है।
सीएए की प्रति फाड़ने के दौरान कुलपति, उपकुलपति और रजिस्ट्रार भी मौजूद थे। छात्रा ने कहा कि हम कागज नहीं दिखाएंगे। इंकलाब जिंदाबाद। उन्होंने कहा कि सीएए की प्रति फाड़कर मैं विश्वविद्यालय का अनादर नहीं कर रही हूं। अपनी पसंदीदा संस्थान से डिग्री लेकर मैं बेहद सम्मानित महसूस कर रही हूं।
छात्रा ने कहा कि मैंने सीएए के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराने के लिए ऐसा किया है। एक छात्र ए दास ने बताया कि उनके बैच के करीब 25 छात्र अपनी डिग्री लेने के लिए मंच पर नहीं गए।
छात्रों ने राज्यपाल को काले झंडे दिखाए
इससे पहले मंगलवार को जाधवपुर विश्वविद्यालय में पश्चिम बंगला के राज्यपाल जगदीप धनखड़ के काफिले का घेराव किया गया और उन्हें काले झंडे दिखाए गए। धनखड़ मंगलवार सुबह दीक्षांत समारोह में शामिल होने के लिए विश्वविद्यालय पहुंचे थे। लेकिन छात्रों ने उन्हें जाने नहीं दिया।
छात्रों ने राज्यपाल के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और काले झंडे दिखाए। छात्रों ने आरोप लगाया कि धनखड़ भाजपा नेताओं की तरह सीएए का समर्थन कर रहे हैं। राजभवन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का कार्यालय बन चुका है। वे (छात्र) नहीं चाहते हैं कि राज्यपाल जाधवपुर विश्वविद्यालय के पदेन कुलपति रहे।