जम्मू-कश्मीर में जबसे बीजेपी-पीडीपी गठबंधन की सरकार बनी है, आतंकवादी गुट एक हो गए हैं। पहले जहां अलग-अलग संगठन के रुप में काम करते थे। वहीं अब सारे मतभेदों को भूलाकर एक साथ नापाक मंसूबे को अंजाम देने में लगे हैं। रविवार को मुठभेड़ में ढेर आतंकवादी के जनाने को गन सल्यूट दिया गया और साथ ही कई राउंड फायरिंग भी किए गए। इससे साफ लग रहा है कि जम्मू-कश्मीर में एक नए तरह का आतंकवाद जन्म ले रहा है।
इकोनॉमिक टाइम्स ने जम्मू-कश्मीर के पुलिस प्रमुख एसपी वैद के हवाले से लिखा है कि हिजबुल मुजाहिद्दीन और लश्कर-ए-तैयबा आजकल एक साथ मिल कर काम रहे हैं। उन्होंने बताया, हमें इन आतंकी संगठनों के बीच कोई अंतर नजर नहीं आता। ये सभी हमारे के लिए आतंकवादी हैं। हालांकि, हमें ऐसे इनपुट्स मिले हैं कि आजकल वे साथ मिलकर काम कर रहे हैं।'
वहीं एक सीनियर पुलिस अधिकारी के बयान पर अखबार ने लिखा है कि पाकिस्तान ने रणनीति बदली है, पहले जहां घुसपैठ कराकर आतंकी घटना को अंजाम देने की कोशिश में रहता था। वहीं अब जम्मू-कश्मीर के स्थानीय लोगों की बदलौत घटना को अंजाम देने में लगा है। कश्मीर में अमन के लिए अब सरकार 'अजीत डोभाल फार्मूला' लागू करने की तैयारी में है।
अमरनाथ यात्रा से पहले कश्मीर में अमन बहाल करने की केंद्र की योजना पर अमल शुरू कर दिया है। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह की मंत्रणा के बाद तय किए फार्मूले के तहत अलगाववादियों को अलग-थलग कर आतंकियों के सफाए की रणनीति बनाई गई है।