वाइब्रेंट विलेज स्कीम के तहत हुए समझौते के तहत स्थानीय उत्पाद जैसे फल, सब्जियां, मांस, मछली, डेयरी उत्पाद और बाजरा, वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम में शामिल गांवों से आईटीबीपी की यूनिट्स को आपूर्ति किए जाएंगे। यह समझौता आईटीबीपी के आईजी डॉ. अकुन सबरवाल और अरुणाचल प्रदेश कृषि विपणन बोर्ड के सीईओ ओकित पल्लिंग द्वारा औपचारिक रूप से संपन्न किया गया।
भारत और चीन बॉर्डर पर स्थित अरुणाचल प्रदेश के गांवों में अब पलायन नहीं होगा। गांव में ही स्वरोजगार को बढ़ाने के लिए आईटीबीपी ने एक विशेष पहल की है। शुक्रवार को अरुणाचल प्रदेश सरकार और आईटीबीपी के बीच एक समझौते पर हस्ताक्षर किए गए हैं। सीमा सुरक्षा और स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने की दिशा में यह एक बड़ा कदम माना जा रहा है। अरुणाचल प्रदेश सरकार और भारत-तिब्बत सीमा पुलिस, दोनों के बीच हुए ऐतिहासिक समझौते से वाइब्रेंट विलेज स्कीम को सशक्त बनाया जाएगा। इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा और बॉर्डर के निकटवर्ती गांवों में पलायन को रोका जा सकेगा। स्थानीय किसानों को भी इसका फायदा होगा।
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वाइब्रेंट विलेज स्कीम के तहत हुए समझौते के तहत स्थानीय उत्पाद जैसे फल, सब्जियां, मांस, मछली, डेयरी उत्पाद और बाजरा, वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम में शामिल गांवों से आईटीबीपी की यूनिट्स को आपूर्ति किए जाएंगे। यह समझौता आईटीबीपी के आईजी डॉ. अकुन सबरवाल और अरुणाचल प्रदेश कृषि विपणन बोर्ड के सीईओ ओकित पल्लिंग द्वारा औपचारिक रूप से संपन्न किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने सीमावर्ती क्षेत्रों में आर्थिक विकास और स्थानीय आजीविका को सुधारने की सरकार की प्रतिबद्धता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि यह पहल न केवल स्थानीय समुदायों को सशक्त बनाएगी, बल्कि सीमा सुरक्षा में भी बड़ा योगदान देगी। समारोह में उप मुख्यमंत्री चौना मीन, कृषि मंत्री गैब्रियल डेनवांग वांगसू, और मुख्य सचिव मनीष गुप्ता सहित कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल रहे।
इस पहल के तहत आईटीबीपी, स्थानीय सहकारी समितियों के माध्यम से उत्पादों की आपूर्ति करेगा। यह योजना सीमावर्ती गांवों में पलायन को रोकने और स्थानीय निवासियों के लिए बेहतर आर्थिक अवसर पैदा करने में मदद करेगी। आईटीबीपी कर्मियों और स्थानीय समुदायों के बीच बढ़ा संवाद सामाजिक एकता और विश्वास को मजबूत करेगा। यह एमओयू स्थानीय जनसंख्या के लिए रोजगार के नए अवसर खोलेगा।
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इसके चलते 'वोकल फॉर लोकल' पहल को सशक्त बनाया जाएगा। यह पहल, आईटीबीपी जवानों को ताजा और उच्च गुणवत्ता वाले खाद्य उत्पाद मुहैया कराना, सुनिश्चित करेगी। साथ ही स्थानीय व्यवसायों और कृषि प्रथाओं को भी बढ़ावा देगा। अरुणाचल प्रदेश सरकार और आईटीबीपी की यह साझेदारी सीमा क्षेत्रों में सतत विकास, सुरक्षा, आर्थिक प्रगति और सामाजिक स्थिरता के क्षेत्र में एक बड़ा कदम है। यह समझौता न केवल क्षेत्र के भविष्य को बेहतर बनाएगा, बल्कि अरुणाचल प्रदेश के लोगों के जीवन स्तर को भी सुधारने में सहायक होगा।