भारत-चीन सीमा पुलिस ने अपने 11 शहीद जवानों के परिवारों को सम्मानित किया है। इन सभी परिवारों का सम्मान आजादी का अमृत महोत्सव के तहत हुआ है। जिन जवानों के परिवारों का सम्मान किया गया है वो देश के लिए शहीद हुए थे। 21 अक्टूबर को पुलिस स्मृति दिवस के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में जवानों के परिवारों का सम्मान किया। यह कार्यक्रम देश की राजधानी दिल्ली में आयोजित किया गया था। आजादी का अमृत महोत्सव केन्द्र सरकार की तरफ से आयोजित किया जा रहा है। इस कार्यक्रम में आईबीपी के पूर्व जवानों के परिवार भी शामिल हुए थे।
कार्यक्रम में शामिल लोगों को राष्ट्रीय पुलिस स्मारक का संग्रहालय के साथ-साथ पुलिसकर्मियों के पराक्रम और बलिदान पर बनी फिल्म भी दिखाई गई। इस दौरान आइटीबीपी के एडीजी एएम प्रसाद ने देश के लिए शहीद जवानों के परिवार के सदस्यों को सम्मानित किया। आईटीबीपी का गठन 1962 में किया गया था, जो चीन से लगने वाली देश की 3,488 किलोमीटर लंबी सीमा की रखवाली करता है। वहीं आंतरिक सुरक्षा से जुड़े कामों में भी आईटीबीपी के जवानों को तैनात किया जाता है।
1960 से हो रहा है पुलिस स्मृति दिवस का आयोजन
आइटीबीपी के आइजी आइएस दुहान ने बताया कि लद्दाख से अरुणाचल के बीच आईटीबीपी के जवानों को तैनात किया जाता है। 21 अक्टूबर 1959 को हाट स्पि्रंग इलाके में चीन की सेना से झड़प के दौरान 10 पुलिसकर्मी शहीद हो गए थे। इसके बाद '1960 से केंद्र सरकार इस दिन को पुलिस स्मृति दिवस के रूप में मनाती आ रही है। इसी कड़ी में साल भी 21 अक्टूबर को इस कार्यक्रम का आयोजन हुआ। गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय भी इस कार्यक्रम में शामिल हुए।'