चमोली जिले के माना गांव के आसपास वाले सभी रास्ते साफ कर दिए गए हैं। मंदिर परिसर के अलावा तप्त कुंड, अलकनंदा नदी के तटों, सीढ़ियों और पैदल मार्गों को भी पूरी तरह दुरुस्त कर दिया गया है। आईटीबीपी प्रत्येक वर्ष कपाट खुलने से पहले बद्रीनाथ धाम और यहां तक पहुंचने वाले मार्ग की सफाई करता रहा है। यह मंदिर समुद्र तल से दस हजार आठ सौ फीट की उंचाई पर स्थित है।
बद्रीनाथ धाम में इस वर्ष अपेक्षाकृत ज्यादा बर्फबारी होने से यहां का संपर्क मार्ग दो माह से भी ज्यादा समय तक बंद रहा था। पिछले वर्ष 20 नवंबर को मंदिर के कपाट बंद हुए थे। इस वर्ष केवल मई में ही श्रद्धालुओं का आंकड़ा दो लाख से भी ज्यादा हो सकता है। पिछले साल लगभग 11 लाख श्रद्धालु मंदिर पहुंचे थे, इस बार यह संख्या काफी ज्यादा होने की उम्मीद है।