गृह राज्य मंत्री नित्यानन्द राय ने गुरुवार को नई दिल्ली में आयोजित 'फ्लैग-इन-सेरेमनी' में भारत-तिब्बत सीमा पुलिस, सीमा सुरक्षा बल एवं राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड के माउंट एवरेस्ट एवं माउंट ल्होत्से अभियानों के सफल दलों का सम्मान किया है। राय ने इस अवसर पर आईटीबीपी एवं एनएसजी के नवनिर्मित भवनों का लोकार्पण एवं शिलान्यास भी किया। पर्वतारोहण नेतृत्व, निर्णय क्षमता, जोखिम प्रबंधन तथा टीम भावना की सर्वोच्च परीक्षा है। किसी भी अभियान की वास्तविक सफलता पूरी टीम के सुरक्षित लौटने में निहित होती है।
तीनों केंद्रीय बलों द्वारा अपने-अपने पर्वतारोहण अभियानों की प्रस्तुति दी गई। इसके बाद तीनों बलों के अभियान दलों के नेताओं ने गृह राज्य मंत्री को अभियान ध्वज भेंट किया। नित्यानन्द राय ने कहा, विश्व की सर्वोच्च पर्वत चोटियों पर तिरंगा फहराना केवल एक साहसिक उपलब्धि नहीं, बल्कि भारतीय केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के अनुशासन, उत्कृष्ट प्रशिक्षण, पेशेवर दक्षता और राष्ट्र के प्रति समर्पण का सशक्त प्रतीक है।
सीमाओं की सुरक्षा, आतंकवाद एवं नक्सलवाद के विरुद्ध अभियान तथा प्राकृतिक आपदाओं के दौरान राहत एवं बचाव कार्यों में जिन गुणों की आवश्यकता होती है, वही गुण पर्वतारोहण अभियानों में भी परिलक्षित होते हैं। यही वजह है कि ये उपलब्धियां केवल साहसिक खेलों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की संस्थागत क्षमता, प्रशिक्षण संस्कृति और परिचालन दक्षता का प्रमाण हैं।
गृह राज्य मंत्री नित्यानन्द राय ने माउंट एवरेस्ट एवं माउंट ल्होत्से अभियानों के सफल दलों का सम्मा
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गृह राज्य मंत्री ने कहा कि इस वर्ष के अभियान अनेक दृष्टियों से ऐतिहासिक रहे हैं। उन्होंने आईटीबीपी की प्रथम सर्व-महिला माउंट एवरेस्ट अभियान, बीएसएफ की प्रथम सर्व-महिला माउंट एवरेस्ट अभियान और माउंट ल्होत्से अभियान तथा एनएसजी के प्रथम सफल माउंट एवरेस्ट अभियान की विशेष सराहना करते हुए कहा कि इन उपलब्धियों ने भारत की प्रतिष्ठा को वैश्विक स्तर पर नई ऊंचाई प्रदान की है। आईटीबीपी ने वर्ष 1970 में माउंट त्रिशूल अभियान से अपनी पर्वतारोहण यात्रा प्रारम्भ की थी। अब तक 232 सफल पर्वतारोहण अभियान संचालित कर पाँच बार माउंट एवरेस्ट सहित विश्व की अनेक दुर्गम चोटियों पर सफलता प्राप्त की है।
उन्होंने बीएसएफ और एनएसजी की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन बलों ने कठिनतम परिस्थितियों में उत्कृष्ट पेशेवर क्षमता और साहस का परिचय दिया है। इन अभियानों से जुड़े प्रशिक्षकों, चिकित्सकों, मौसम विशेषज्ञों, संचार एवं लॉजिस्टिक टीमों तथा अन्य सहयोगी कर्मियों के योगदान की भी सराहना करते हुए राय ने कहा कि किसी भी बड़ी सफलता के पीछे अनेक समर्पित लोगों का सामूहिक प्रयास होता है।
नित्यानन्द राय ने देश के युवाओं का आह्वान किया है कि वे इन अभियानों को केवल पर्वतारोहण की उपलब्धि के रूप में न देखें, बल्कि उनसे अनुशासन, तैयारी, टीमवर्क, उत्तरदायित्व और राष्ट्रसेवा की प्रेरणा ग्रहण करें। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आईटीबीपी, बीएसएफ एवं एनएसजी भविष्य में भी इसी समर्पण के साथ राष्ट्रसेवा के नए कीर्तिमान स्थापित करते रहेंगे। समारोह में गृह सचिव गोविंद मोहन, आईबी के निदेशक महेश दीक्षित, आईटीबीपी के महानिदेशक शत्रुजीत कपूर, एनएसजी के महानिदेशक बी. श्रीनिवासन, बीएसएफ डीजी प्रवीण कुमार सहित तीनों बलों के वरिष्ठ अधिकारी, अभियान दलों के सदस्य तथा अन्य गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।