कोरोना महामारी काल में रेलवे ट्रैक से दूर हुई पैसेंजर ट्रेनों को वापस ट्रैक पर उतरने में अभी वक्त लगेगा। रेलवे का मानना है कि कोविड संक्रमण भले ही राज्यों में कम हो गया हो लेकिन खतरा अभी पूरी तरह से खत्म नहीं हुआ है। लिहाजा रेलवे को कोरोना संक्रमण फैलाने का माध्यम नहीं बनने दिया जाएगा।
लोकल ट्रेन फिलहाल पटरी पर लौटती नहीं दिखाई पड़ रही है। केंद्रीय रेल मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि कोविड की लड़ाई पूरी तरह से खत्म नहीं हुई है। वैक्सीन दी जा रही है। स्थिति सामान्य होगी तो लोकल ट्रेनों का संचालन शुरू किया जाएगा। मंत्रालय के अधिकारी केंद्रीय गृहमंत्रालय से लगातार संपर्क में हैं।
उन्होंने कहा कि जहां तक स्कूल, कॉलेज और सिनेमा हॉल खुलने की बात है तो यह सब लोकल स्तर पर है। रेलवे बड़े रूट पर चलती है। कई शहरों तक ट्रेनों का रूट है। अनारक्षित ट्रेनों में भीड़ अधिक होती है। किसी तरह का खतरा नहीं लिया जा सकता है। उन्होंने बताया कि 60 प्रतिशत ट्रेन ट्रैक पर चल रही हैं। करीब 6757 ट्रेन चल रही है। आरक्षण श्रेणी वाली अधिकांश ट्रेन चल रही है।
आम बजट पर उन्होंने कहा कि बेहतरीन बजट रेलवे को मिला है। अलग-अलग पहलुओं को ध्यान में रख बजट दिया गया है। इससे देश की अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी। इस साल भी इंफ्रास्ट्रक्चर पर विशेष फोकस रहा। नई दिल्ली व छत्रपति शिवाजी टर्मिनस का विकास मॉडल के रूप में होगा।
2023 दिसंबर तक इलेक्ट्रिक इंजन से सभी ट्रेनें चलने लगेंगी। 2030 तक ट्रेन, स्टेशन व रेलवे से जुड़े सभी जगह पर ग्रीन एनर्जी का उपयोग किया जाएगा। इस बार का बजट फ्यूचर रेडी बजट इस मामले में है कि भविष्य की मांग को ध्यान में रखा गया है। 2050 में कैसी आवश्यकता होगी इसे ध्यान में रख राष्ट्रीय रेल प्लान 2030 तैयार किया जा रहा है।
बुलेट ट्रेन के लिए भूमि अधिग्रहण को लेकर परेशानी
अहमदाबाद-मुंबई बुलेट ट्रेन के बारे में उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र सरकार की ओर से भूमि अधिग्रहण में परेशानी हो रही है। गुजरात में बनने वाले इस प्रोजेक्ट के टेंडर जारी करने का काम शुरू कर दिया गया है। हालांकि 2023 तक पूर्ण रूप से प्रोजेक्ट तैयार होगा या नहीं इसे लेकर रेल मंत्री आश्वस्त नहीं दिखें।
बंगाल सरकार पर साधा निशाना
बातों-बातों में रेल मंत्री ने पश्चिम बंगाल की ममता सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि ममता दीदी भूमि अधिग्रहण करा दें, रेलवे सभी प्रोजेक्ट बंगाल में पूरा करके दिखाएगी। रेलवे के पास फंड की कोई कमी नहीं है। उन्होंने कहा कि पहले जो भी रेल मंत्री बनता था, राजनीतिक मकसद से काम अपने राज्यों में कराता था लेकिन अब की केंद्र सरकार राष्ट्रीय परियोजना बना कर काम करने वाली है।