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IT Raid: पूर्व फंड मैनेजर समेत अन्य के 25 ठिकानों पर छापेमारी, 55 करोड़ से अधिक अघोषित संपत्ति जब्त

Fri, 05 Aug 2022 10:34 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

सीबीडीटी के मुताबिक आयकर अधिकारियों ने एक्सिस म्यूचुअल फंड के पूर्व फंड प्रबंधक व प्रमुख ट्रेडर विरेश जोशी व अन्य के ठिकानों पर 28 जुलाई को छापामारी शुरू की थी। इस दौरान मुंबई, अहमदाबाद, वडोदरा, भुज और कोलकाता के 25 से अधिक ठिकानों की तलाशी ली।
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हुवावे के ठिकानों पर छापा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आयकर विभाग ने एक्सिस म्यूचुअल फंड के पूर्व फंड प्रबंधक, कुछ शेयर ब्रोकरों व अन्य के ठिकानों पर छापा मारकर 55 करोड़ रुपये से अधिक अघोषित संपत्ति जब्त किया है। छापों के दौरान बड़ी मात्रा में छिपे हुए निवेश के साक्ष्य भी मिले हैं।
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सीबीडीटी के मुताबिक आयकर अधिकारियों ने एक्सिस म्यूचुअल फंड के पूर्व फंड प्रबंधक व प्रमुख ट्रेडर विरेश जोशी व अन्य के ठिकानों पर 28 जुलाई को छापामारी शुरू की थी। इस दौरान मुंबई, अहमदाबाद, वडोदरा, भुज और कोलकाता के 25 से अधिक ठिकानों की तलाशी ली। इनमें बिचौलियों व हवाला ऑपरेटरों के ठिकाने भी शामिल हैं।

छापों में बरामद विभिन्न लोेगों के शपथ पत्रों से पूरे फर्जीवाड़े की मॉडस ऑपरेंडी का खुलासा हुआ। विरेश जोशी ब्रोकरों व बिचौलियों और विदेश में कुछ लोगों को कारोबार से जुड़ी खास जानकारियां पहले से पहुंचा देता था। ये लोग इस सूचना का गलत इस्तेमाल करके शेयर बाजार में मुनाफा कमाते थे।
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हालांकि मिले साक्ष्यों में फंड मैनेजर का नाम नहीं है लेकिन सूत्रों ने विरेश जोशी की पहचान की है। विरेश जोशी व उसके परिवार वालों ने अपने बयान में कुबूल किया है कि इस तरह के लेनदेन से जो भी अघोषित रकम पैदा होती थी वह कोलकाता स्थित मुखौटा कंपनियों के माध्यम से उनके बैंक खातों में आ जाती थी।

न खातों से इस रकम को आगे भारत और अन्य कम कर वाले देशों की कंपनियों के बैंक खातों में ठिकाने लगा दिया जाता था। सीबीडीटी ने कहा, नकद ऋण, सावधि जमा, अचल संपत्तियों और उनके नवीनीकरण आदि में बड़े पैमाने पर बेहिसाब निवेश से जुड़े दस्तावेज और डाटा जब्त किया गया है।

एनएमसी ने आयकर विभाग से मांगा डॉक्टरों का ब्योरा
राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) ने आयकर विभाग से उन डॉक्टरों का ब्योरा मांगा है, जिन्होंने डोला-650 टैबलेट बनाने वाली माइक्रो लैब्स सहित छह फार्मा कंपनियों से कथित तौर पर मुफ्त उपहार प्राप्त किए थे, जिनके खिलाफ पिछले महीने छापेमारी की गई थी। 

आयकर विभाग के लिए प्रशासनिक निकाय केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने जुलाई में व्यापक रूप से उपयोग किए जाने वाले डोलो-650 टैबलेट के निर्माताओं पर 'अनैतिक गतिविधियों' में लिप्त होने और डॉक्टरों को लगभग 1,000 करोड़ रुपये का मुफ्त वितरण करने का आरोप लगाया था। 

आयकर विभाग ने 6 जुलाई को नौ राज्यों में छापेमारी की थी। बेंगलुरु स्थित माइक्रो लैब्स लिमिटेड के 36 परिसरों पर छापेमारी की गई थी। 3 अगस्त को एक पत्र में एनएमसी ने सीबीडीटी के अध्यक्ष नितिन गुप्ता से नामों की पंजीकरण संख्या और शामिल डॉक्टरों के पते के साथ भेजने का अनुरोध किया था ताकि उन विवरणों को सूचना और आवश्यक कार्रवाई के लिए संबंधित राज्य चिकित्सा परिषदों को भेजा जा सके।
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