आयकर विभाग देशभर में पेट्रोल पंप मालिकों और एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स के खिलाफ छापेमारी कर रहा है। विभाग का आरोप है कि नोटबंदी के दौरान इन लोगों ने पुराने 500 और 1000 के नोटों को बैंकों में ज्यादा सेल दिखाकर जमा किया था।
आईटी एक्ट की धारा 133 ए के तहत विभाग के इंस्पेक्टर इन मालिकों की कैश बुक की जांच कर रहे हैं। तीन दिसंबर तक पुराने नोटों से गैस सिलेंडर और तेल खरीदने की अनुमति थी। उस दौरान इन गैस एजेंसियों और पेट्रोल पंपों की कैश बुक को जरिए विभाग लगभग हर महीने की बिक्री के दौरान जमा की गई राशि से मेल कर जांच कर रहा है।
अगर कोई पेट्रोल पंप मालिक और एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर नोटबंदी की अवधि के दौरान बकाया ऋण प्राप्त करने का दावा करता है तो फौरन उसके पैसों को गैरकानूनी घोषित कर मालिक के खिलाफ तुरंत कार्रवाई की जाती है। उन्हें तुरंत अवैध कैश के समान 49.90 प्रतिशत जुर्माने के साथ प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना में चेक जारी करवाया जा रहा है।