ऑनलाइन भुगतान को बढ़ाने के लिए आयकर विभाग अब व्यापारियों और पेशेवरों की पाठशाला शुरू करेगा। अधिक से अधिक भुगतान ऑनलाइन हो, इसके लिए उन्हें जागरूक किया जाएगा। इस दौरान आयकर अफसर उन्हें ऑनलाइन प्रक्रिया के तहत टैक्स जमा करने, टीडीएस रिटर्न एवं आयकर रिटर्न फाइल करने के तरीके भी बताएंगे।
इस संबंध में वित्त मंत्रालय का फरमान जारी होने के बाद आयकर मुख्यालय से भी क्षेत्रीय कार्यालयों को सूचना जारी कर दी गई है और तत्काल जागरूकता पाठशाला शुरू करने को कहा गया है।
नोटबंदी के बाद सरकार डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देने का प्रयास कर रही है, ताकि लेन-देन की व्यवस्था पारदर्शी हो सके, लेकिन बड़ी संख्या ऐसे व्यापारियों और पेशेवरों की हैं, जिन्हें इसके बारे में खास जानकारी नहीं है। ऐसे में वित्त मंत्रालय ने आयकर विभाग को अधिक से अधिक व्यापारियों और पेशेवरों को इसके लिए जागरूक करने का फरमान जारी किया है।
मंत्रालय ने ऑनलाइन प्रक्रिया के तहत टैक्स जमा करने, टीडीएस रिटर्न एवं आयकर रिटर्न फाइल करने के तरीके भी बताने को कहा है। इसके बाद आयकर मुख्यालय ने सभी क्षेत्रीय कार्यालयों को आदेश जारी किया कि व्यापारियों, व्यापारिक प्रतिनिधियों, पेशेवरों को इनके बारे में जागरूक करने के लिए कार्यशालाएं, सेमिनार और कक्षाएं चलाई जाएं और सीमित समय में अधिक से अधिक लोगों को जागरूक किया जाए।
कर एवं वित्त सलाहकार डॉ.पवन जायसवाल का कहना है कि डिजिटल पेमेंट की जानकारी होने पर पारदर्शिता के साथ सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि व्यापारियों के साथ डॉक्टर जैसे पेशेवरों को अपने पास नगद रकम रखने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इससे लूटपाट, छिनैती जैसे खतरे भी नहीं होंगे।