आयकर अधिकारियों ने शनिवार को द्रमुक के वरिष्ठ नेता दुरईमुरुगन के वेल्लोर जिले के कटपदी स्थित आवास पर छापेमारी की। उन पर चुनाव में अघोषित धन के इस्तेमाल का संदेह है। पड़ोसी राज्य कर्नाटक में कुछ दिनों पहले हुई आयकर छापेमारी जिसके बाद राजनीतिक तूफान खड़ा हो गया था, के बाद यह छापे पड़े हैं।
आयकर अधिकारियों के साथ चुनाव आयोग का उड़न दस्ता देर रात द्रमुक के कोषाध्यक्ष के आवास पर पहुंचा और शनिवार की अलसुबह तक छापेमारी की। आयकर विभाग के उच्च पदस्थ सूत्रों ने बताया कि छापेमारी की गई। उन्होंने संकेत दिया कि यह छापेमारी कर चोरी और चुनाव में अघोषित धन के इस्तेमाल के संदेह में की गई है।
द्रमुक ने दुरईमुरुगन के बेटे डी एम काठिर आनंद को लोकसभा चुनाव में वेल्लोर सीट से अपना उम्मीदवार बनाया है। हालांकि अभी यह नहीं पता चला है कि छापेमारी के दौरान अघोषित धन बरामद हुआ है या नहीं। दुरईमुरुगन ने आरोप लगाया है कि यह छापेमारी कुछ नेताओं की राजनीतिक ‘साजिश’ है।
उन्होंने संवाददाताओं को बताया, ‘कर अधिकारी इस समझ के साथ लौटे हैं कि हमारे पास छुपाने के लिए कुछ भी नहीं है।’ द्रमुक नेता छापेमारी के समय पर सवाल कर रहे हैं। कर्नाटक में 15-20 स्थानों पर गुरुवार तड़के कर अधिकारियों ने बंगलुरू, मांड्या, मैसूर, हासन, रामनगर और शिवमोगा में छापेमारी की।
कर्नाटक के लघु सिंचाई मंत्री सीएस पुट्टाराजू और उनके भतीजे और पीडब्ल्यूडी मंत्री एच डी रेवन्ना के करीबी सहयोगी उन लोगों में शामिल हैं जिनके आवास पर छापे मारे गए। अपने घर पड़े आयकर विभाग के छापे पर मुरुगन ने कहा, 'यह गलत गणना है कि आयकर विभाग की छापेमारी के बाद हम 'मोदी जय' के नारे लगाएंगे। यह एक लोकतांत्रिक देश है। इससे मोदी को राजनीति में कोई फायदा नहीं मिलेगा बल्कि इससे उन्हें केवल आरोप और आलोचना मिलेगी। यह एक षड्यंत्र है।'
डीएमके के कानूनी इकाई के संयुक्त सचिव परंथमन ने कहा, 'जब हम चुनाव प्रचार अभियान से वापस लौटे तो तीन सदस्यों की एक टीम घर में मौजूद थी। जब हमने उनसे पूछा कि वह क्यों आए हैं तो अधिकारियों ने कहा कि वह आयकर विभाग से हैं और घर की तलाशी लेना चाहते हैं।'
उन्होंने आगे कहा, 'हालांकि उनके पास जो सर्च वारंट था वह उन्हें घर की तलाशी लेने का अधिकार नहीं देता है।' पार्टी का आरोप है कि अधिकारी आयकर विभाग की धारा 131 के तहत छापा मारने आए हैं जबकि इस धारा के अतंर्गत आपको संबंधित व्यक्ति को समन देना होता है और छापेमारी के लिए समय देना होता है।