मंगलवार से यहां तीन दिवसीय पांचवां रायसीना डायलॉग शुरू हो रहा है, जो अब तक का सबसे बड़ा और भव्य आयोजन होगा। इस कार्यक्रम में 103 देशों के 700 से अधिक प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे। विदेश मंत्री एस जयशंकर इस कार्यक्रम में शिरकत करने वाले कई देशों के साथ द्विपक्षीय वार्ता भी करेंगे। सूत्रों के मुताबिक तीन दिवसीय डायलॉग में पर्यावरण, वैश्विक राजनीति समेत कई अहम मुद्दों पर चर्चा होगी।
कार्यक्रम के इतर विदेश मंत्री जयशंकर रूस और ईरान के विदेश मंत्रियों के साथ द्विपक्षीय वार्ता भी करेंगे। खासकर ईरान के साथ भारत की द्विपक्षीय वार्ता बेहद अहम होगी। यह वार्ता ऐसे समय में होगी जब ईरान और अमेरिका के बीच तनाव चरम पर है। ईरान ने विवाद का हल निकलाने के लिए भारत के समक्ष मध्यस्थता की पेशकश भी की है। इसके अलावा ईरान अपने ऊपर लगाए गए अमेरिकी प्रतिबंधों के मामले में भी भारत से मदद की उम्मीद रखता है।
डायलॉग शुरू होने से पहले इसमें नागरिकता संशोधन कानून की छाया पड़ गई। बांग्लादेश के विदेश मंत्री और गृहमंत्री के बाद अब उप विदेश मंत्री शहरयार आलम ने अचानक इस कार्यक्रम से दूरी बना ली। हालांकि बांग्लादेश ने कहा है कि उप विदेश मंत्री को पीएम शेख हसीना के साथ संयुक्त अरब अमीरात जाना होगा। इससे पहले भी वहां के गृहमंत्री और विदेश मंत्री ने भारत दौरा रद्द कर दिया था।