फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

DGCA: क्या फ्यूल स्विच में खराबी के बाद भी उड़ा विमान? रिपोर्ट में नया खुलासा; एअर इंडिया ने दिए जांच के आदेश

Tue, 03 Feb 2026 06:48 PM IST
राहुल कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।

सार

एअर इंडिया की बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर फ्लाइट में फ्यूल कंट्रोल स्विच में गड़बड़ी पर डीजीसीए ने विस्तृत रिपोर्ट जारी की है। क्रू ने फिजिकल जांच के बाद उड़ान भरी। कोई असामान्य संकेत नहीं मिला। इसके बावजूद एअर इंडिया ने सभी बोइंग 787 ड्रीमलाइनर के स्विचों की जांच के आदेश दे दिए है।
विज्ञापन
एअर इंडिया - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

एअर इंडिया की बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर फ्लाइट में फ्यूल कंट्रोल स्विच से जुड़ी गड़बड़ी सामने आने के बाद सवाल उठे थे कि विमान ने उड़ान कैसे भरी। अब नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने पूरी घटना का क्रम जारी करते हुए साफ किया है कि क्रू ने उड़ान से पहले फिजिकल जांच की थी और इंजन शुरू होने के बाद कोई असामान्य पैरामीटर दर्ज नहीं हुआ। नियामक ने कहा कि सुरक्षा प्रक्रिया का पालन किया गया था।

विज्ञापन


क्या थी फ्यूल कंट्रोल स्विच की दिक्कत?
डीजीसीए के मुताबिक 1 फरवरी को लंदन हीथ्रो एयरपोर्ट पर इंजन स्टार्ट करते समय बाएं इंजन का फ्यूल कंट्रोल स्विच दो बार रन पोजिशन में ठीक से लॉक नहीं हुआ। तीसरी कोशिश में स्विच सही तरह से लॉक हो गया। इसके बाद क्रू ने आगे की प्रक्रिया जारी रखने से पहले स्विच की फिजिकल जांच की और सुनिश्चित किया कि वह पूरी तरह रन स्थिति में स्थिर है। इसके बाद ही उड़ान आगे बढ़ाई गई।

उड़ान के दौरान क्या कोई खतरे का संकेत मिला?
डीजीसीए ने कहा कि इंजन स्टार्ट के समय और उसके बाद उड़ान के दौरान किसी तरह का असामान्य इंजन पैरामीटर, चेतावनी या सिस्टम मैसेज दर्ज नहीं हुआ। क्रू को इस अवलोकन के बारे में बताया गया था और उन्हें स्विच से अनावश्यक छेड़छाड़ से बचने को कहा गया। पूरी उड़ान के दौरान इंजन इंडिकेशन और अलर्ट सिस्टम पर नजर रखी गई। नियामक के अनुसार फ्लाइट बिना किसी घटना के सुरक्षित पूरी हुई।
विज्ञापन


इंजीनियरिंग जांच में क्या निकला?

  • टीम ने बोइंग की सिफारिश के अनुसार फ्यूल कंट्रोल स्विच की जांच की।
  • बाएं और दाएं दोनों फ्यूल कंट्रोल स्विच की अलग-अलग टेस्टिंग की गई।
  • दोनों स्विच तकनीकी रूप से संतोषजनक हालत में पाए गए।
  • लॉकिंग मैकेनिज्म सही तरीके से अपनी जगह पर बैठा हुआ मिला।
  • स्विच अपने आप रन से कट ऑफ पोजिशन पर स्लिप नहीं हो रहा था।
  • गलत दिशा में बाहरी दबाव देने पर स्विच रन से कट ऑफ की ओर खिसक सकता है।
  • सही दिशा और सही तरीके से ऑपरेट करने पर स्विच सुरक्षित और स्थिर रहता है।


डीजीसीए ने क्या अतिरिक्त निर्देश दिए?
डीजीसीए ने कहा कि बोइंग की गाइडलाइन के मुताबिक पुल-टू-अनलॉक फोर्स की भी जांच की गई। यह जांच संबंधित स्विच, बदले जाने वाले यूनिट और दूसरे विमान के स्विच पर भी की गई। सभी मामलों में यह सीमा के भीतर पाया गया। ये जांच डीजीसीए अधिकारियों की मौजूदगी में हुई। नियामक ने एअर इंडिया को निर्देश दिया है कि फ्यूल CUT OFF स्विच के संचालन की सही प्रक्रिया सभी क्रू मेंबर तक दोबारा पहुंचाई जाए।

एअर इंडिया ने शुरू की स्विचों की जांच
एअर इंडिया ने अपने बोइंग 787 ड्रीमलाइनर विमानों में लगे फ्यूल कंट्रोल स्विच की दोबारा जांच शुरू कर दी है। एयरलाइन के बेड़े में इस समय 33 बोइंग 787 विमान शामिल हैं। सूत्रों के अनुसार, एअर इंडिया के फ्लाइट ऑपरेशंस के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट मनीष उप्पल ने बोइंग 787 के पायलटों को सूचित किया है कि सभी विमानों में फ्यूल कंट्रोल स्विच का री-इंस्पेक्शन कराया जा रहा है। साथ ही इंजीनियरिंग टीम ने इस मामले को प्राथमिकता के आधार पर विस्तृत मूल्यांकन के लिए बोइंग को भेज दिया है।

पहले रिपोर्ट और ग्राउंडिंग का क्या कनेक्शन?
बंगलूरू पहुंचने के बाद एक पायलट ने फ्यूल कंट्रोल स्विच में संभावित खराबी की रिपोर्ट दी थी। इसके बाद विमान को जांच के लिए ग्राउंड कर दिया गया। डीजीसीए ने यह भी कहा कि एक वीडियो में स्विच चलाने की गलत प्रक्रिया दिखाई गई थी, जिसे लेकर भ्रम पैदा हुआ। फ्यूल कंट्रोल स्विच का मुद्दा इसलिए भी संवेदनशील है क्योंकि पिछले साल एअर इंडिया के बोइंग 787-8 हादसे की शुरुआती जांच रिपोर्ट में टेकऑफ के तुरंत बाद फ्यूल सप्लाई कट होने का जिक्र था।

विज्ञापन


ये भी पढ़ें- भारत-अमेरिका व्यापार समझौता: 'फरेब के जरिये देश को गुमराह कर रहे', पीयूष गोयल ने राहुल गांधी पर किया पलटवार

अन्य वीडियो-

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें