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इसरो ने लांच किए भारत समेत 8 अन्य देशों के 30 सैटेलाइट, जानें बड़ी बातें

Thu, 29 Nov 2018 04:58 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बेंगलुरू
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ISRO
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भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने अपने विश्वसनीय रॉकेट पीएसएलवी-सी 43 को गुरुवार को यहां भारत के पृथ्वी अवलोकन उपग्रह हिसआईएस और आठ देशों के 30 अन्य उपग्रहों को लेकर रवाना किया और भारतीय उपग्रह सफलतापूर्वक कक्षा में स्थापित हो गया। इसरो ने कहा कि प्रक्षेपण के लिए 28 घंटे की उलटी गिनती बुधवार सुबह 5 बजकर 58 मिनट पर शुरू हुई थी और रॉकेट चेन्नई से करीब 110 किलोमीटर दूर आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र (एसडीएससी) से गुरुवार सुबह 9 बजकर 58 मिनट पर रवाना हुआ।

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इसरो द्वारा विकसित भू प्रेक्षण उपग्रह ‘हाइपर स्पेक्ट्रल इमेजिंग सैटेलाइट’ (हिसआईएस) पीएसएलवी-सी 43 मिशन का प्रमुख उपग्रह है। इसरो ने बताया कि अंतरिक्षयान का वजन करीब 380 किलोग्राम है और इसे 97.957 अंश झुकाव के साथ 636 किलोमीटर-पोलर सन सिंक्रोनस कक्षा में स्थापित किया गया। हिसआईएस की मिशन अवधि पांच साल की है और इसका प्रमुख उद्देश्य विद्युत चुंबकीय स्पेक्ट्रम के अवरक्त (इन्फ्रारेड) और शॉर्टवेव अवरक्त क्षेत्रों के नजदीक दृश्य पृथ्वी की सतह का अध्ययन करना है।

हिसआईएस के साथ जिन उपग्रहों को रवाना किया गया है उनमें आठ देशों के 29 नैनो और एक माइक्रो उपग्रह शामिल हैं। इनमें 23 उपग्रह अमेरिका के और एक-एक उपग्रह ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, कोलंबिया, फिनलैंड, मलेशिया, नीदरलैंड और स्पेन के हैं। इन सभी उपग्रहों को पीएसएलवी-सीव43 से सफलतापूर्व प्रक्षेपित कर दिया गया है।
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इन सभी उपग्रहों को इसरो की वाणिज्यिक शाखा एंट्रिक्स कॉर्पोरेशन लिमिटेड के माध्यम से वाणिज्यिक संविदा के तहत प्रक्षेपित किया गया है। इसरो ने कहा कि सभी उपग्रहों को पीएसएलवी-सी 43 द्वारा 504 किलोमीटर कक्षा में स्थापित किया जाना है। यह इस महीने में इसरो का दूसरा प्रक्षेपण है। अंतरिक्ष एजेंसी ने 14 नवंबर को अपने अत्याधुनिक संचार उपग्रह जीसैट-29 को जीएसएलवी एमके 3-डी 2 के साथ प्रक्षेपित किया था।

 

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इसरो - फोटो : ANI
इसरो के अध्यक्ष डॉक्टर के सीवान ने कहा, 'हम आगे का रास्ता देख रहे हैं। श्रीहरिकोटा में बहुत ट्रैफिक है। हम जीएसएटी-11 का एक और शानदार मिशन करने जा रहे हैं। यह भारत द्वारा बनाया गया सबसे भारी उपग्रह होगा। इसे 5 दिसंबर को फ्रेंच गुयाना से सुबह 2.08 बजे लांच किया जाएगा। दिसंबर के बाद हम एक और उत्कृष्ट और लंबे समय से प्रतीक्षित मिशन की योजना बना रहे हैं। जीएसएलवी जीसैट-7ए को लांच करने वाला है। अगले साल हम एक और महत्वपूर्ण मिशन चंद्रयान-2 पूरा करेंगे।'

- चार चरणों में पूरी होगी पीएसएलवी की प्रक्षेपण प्रक्रिया
- 380 किग्रा है पीएसएलवी-सी43 का भार
- एक छोटा और 29 नैनो सैटेलाइट शामिल
- 31 सैटेलाइटों का कुल भार 261.5 किग्रा है
- 112 मिनट में पूरा हो जाएगा मिशन
- करीब 5 साल है एचवाईएसआईएस की आयु
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