इसरो के अध्यक्ष डॉक्टर के सीवान ने कहा, 'हम आगे का रास्ता देख रहे हैं। श्रीहरिकोटा में बहुत ट्रैफिक है। हम जीएसएटी-11 का एक और शानदार मिशन करने जा रहे हैं। यह भारत द्वारा बनाया गया सबसे भारी उपग्रह होगा। इसे 5 दिसंबर को फ्रेंच गुयाना से सुबह 2.08 बजे लांच किया जाएगा। दिसंबर के बाद हम एक और उत्कृष्ट और लंबे समय से प्रतीक्षित मिशन की योजना बना रहे हैं। जीएसएलवी जीसैट-7ए को लांच करने वाला है। अगले साल हम एक और महत्वपूर्ण मिशन चंद्रयान-2 पूरा करेंगे।'
- चार चरणों में पूरी होगी पीएसएलवी की प्रक्षेपण प्रक्रिया
- 380 किग्रा है पीएसएलवी-सी43 का भार
- एक छोटा और 29 नैनो सैटेलाइट शामिल
- 31 सैटेलाइटों का कुल भार 261.5 किग्रा है
- 112 मिनट में पूरा हो जाएगा मिशन
- करीब 5 साल है एचवाईएसआईएस की आयु