भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी (इसरो) ने स्क्रैमजेट इंजन का सफल परीक्षण कर एक और बड़ी कामयाबी हासिल की है। इसरो की इस सफलता से प्रक्षेपण पर आने वाले खर्च में 10 गुना तक कमी आ सकती है। स्क्रैमजेट इंजन के सफल परीक्षण से भारत, अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया के बाद दुनिया का तीसरा देश है जिसके पास यह टेक्नोलॉजी है।
सुपर सोनिक कम्बशन रेम जेट (स्क्रैमजेट) इंजन के परीक्षण के लिए आंध्रप्रदेश के श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अनुसंधान केंद्र से रविवार को सुबह छह बजे उड़ान भरी। इसरो के चेयरमैन डॉ. किरन कुमार ने बताया कि यह परीक्षण 'एक बड़ी सफलता है।'
India test launched Scramjet engine from Satish Dhawan Space Center, Sriharikota at 6 AM. pic.twitter.com/vnw6WYzmoY
— ANI (@ANI_news) August 28, 2016
इसरो ने एडवांस्ड टेक्नोलॉजी व्हीकल (एटीवी) का सफल परीक्षण कर नई कामयाबी हासिल की है। सफल परीक्षण के बाद ईंधन में ऑक्सीडायजर की मात्रा को कम किया जा सकेगा।
स्क्रैमजेट इंजन का परीक्षण बहुत पहले किया जाना था, लेकिन 22 जुलाई को भारतीय एयरफोर्स के विमान एन-32 के लापता होने के बाद इंजन के परीक्षण को स्थगित कर दिया गया था।