भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संस्थान (इसरो) ने जीसैट-11 को लॉन्च करने की हरी झंडी दे दी है। एक अन्य उपग्रह जीसैट-6ए के श्रीहरिकोटा से उड़ान भरने के बाद उससे संपर्क टूटने के कारण इसरो फूंक-फूंक कर कदम रख रहा है। एक अधिकारी ने बताया कि लॉन्च से पहले जीसैट-11 की अच्छी तरह जांच की गई है।
5700 किलोग्राम वजन का जीसैट-11 को 26 मई को ही दक्षिण अमेरिका के कोरू से छोड़ा जाना था, लेकिन मार्च में जीसैट-6ए के लॉन्च होने के बाद से लापता होने से इसरो को बड़ा धक्का लगा। कोरू प्रक्षेपण केंद्र से भारत अपने भारी उपग्रहों को लॉन्च करता रहा है।
अंतरिक्ष एजेंसी अब भी हालांकि लापता उपग्रह से संपर्क स्थापित करने के प्रयास में जुटा है और इसमें उसे मामूली सफलता भी मिली है। अधिकारी ने बताया कि पूरी पड़ताल और अतिरिक्त जांच के बाद इसे लॉन्च के लिए फिट पाया गया है। इसरो को अब इसके प्रक्षेपण के लिए तारीख मिलने का इंतजार है।