फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

इसरो ने इस तरह लगाया फैनी तूफान का पता, बच गईं हजारों जान

Sun, 05 May 2019 08:35 AM IST
आसिम खान न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
चक्रवाती तूफान फैनी (फाइल फोटो) - फोटो : PTI
विज्ञापन

फैनी तूफान ने शुक्रवार को ओडिशा में अपना कहर बरपाया। यह 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से पश्चिम बंगाल के खड़गपुर पहुंचा। बंगाल के बाद दोपहर को नादिया और मुर्शिदाबाद जिले से होते हुए यह तूफान बंगाल से बाहर निकलकर बांग्लादेश पहुंचा। ओडिशा में इस तूफान ने जबरदस्त तबाही मचाई, लेकिन भारत की पहले से ही तैयारियों के चलते ज्यादा जान का नुकसान नहीं हुआ। 

विज्ञापन


इसरो ने फैनी तूफान के बारे में पहले से ही पता लगा लिया था जिसकी वजह से हजारों जानें बच गईं। भारतीय मौसम विज्ञानियों ने एक हफ्ते पहले दक्षिणी हिंद महासागर  के पानी में एक बड़ी हलचल का पता लगाया था। जिसके बाद सैटेलाइट से लगातार इसपर नजर रखी गई। जैसे ही ये एक बड़े चक्रवाती तूफान में तब्दील हुआ इसरो ने पांच सैटेलाइट इसी पर केंद्रित कर दिए। ये सैटेलाइट हर 15 मिनट में ग्राउंड स्टेशन को डेटा भेज रहे थे। इसी तैयारी के चलते बड़ा जान-माल का नुकसान होने से बच गया। 

आईएमडी के अनुसार, उपग्रहों इंसेट-3 डी, इंसेट-3 डीआर, स्कैटसैट-1, ओशनसैट-2 और मेघा ट्रॉपिक के डेटा का उपयोग फैनी तूफान के आसपास की तीव्रता, स्थान और क्लाउड कवर का अध्ययन करने के लिए किया गया था। आईएमडी के महानिदेशक केजे रमेश ने कहा, पूर्वानुमान लगाने में सैटेलाइट अहम रोल निभाती हैं। विशेष रूप से चक्रवातों के दौरान ये हमारी मदद करती हैं। 

विज्ञापन
विज्ञापन

 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें