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इसरो आज लांच करेगा छठां नेविगेशन उपग्रह

Thu, 10 Mar 2016 12:19 AM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली

सार

  • भारतीय क्षेत्रीय दिशासूचक उपग्रह प्रणाली के तहत सात उपग्रहों का प्रक्षेपण होना है
  • सभी उपग्रहों को मार्च 2016 तक कक्षा में स्थापित करने की योजना है
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विस्तार
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भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी इसरो अपने छठवें नेविगेशन उपग्रह आईआरएनएसएस-1 एफ  की लांचिंग बृहस्पतिवार को शाम चार बजे करेगी। लांचिंग को लेकर साढ़े 54 घंटे का काउंटडाउन मंगलवार से शुरू हो चुका है।
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काउंटडाउन की प्रक्रिया तब शुरू हुई जब मिशन तैयारी की समीक्षा समिति और लांच प्राधिकार बोर्ड ने प्रक्षेपण को लेकर हरी झंडी दी। इसे भरोसेमंद पीएसएलवी सी-32 की सहायता से लांच किया जाएगा। यह लांचिंग पीएसएलवी सी-32 का 34वां बड़ा मिशन माना जा रहा है।

इसका उद्देश्य अमेरिकी ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम (जीपीएस) की तरह बेहतर नेविगेशन प्रणाली उपलब्ध करना है। आईआरएनएसएस-1 एफ की लांचिंग श्री हरिकोटा के सतीश धवन स्पेस सेंटर से की जाएगी।  यह प्रणाली भारतीय क्षेत्रों की स्थिति और महाद्वीप के आसपास 1,500 किमी तक की जानकारी देने में सक्षम है। यह दो प्रकार की सेवाएं देगा। इनमें सभी उपयोगकर्ताओं के लिए स्टैंडर्ड पोजिशनिंग सर्विसेज (एसपीएस) और अधिकृत उपभोगियों के लिए सीमित सेवाएं (आरएस) प्रदान की जाएंगी।
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इस प्रक्षेपण से पूर्व आईआरएनएसएस श्रृंखला के उपग्रहों को क्रमश: 1 जुलाई 2013 (आईआरएनएसएस-1ए), 4 अप्रैल 2014 (आईआरएनएसएस-1बी), 16 अक्तूबर 2014 (आईआरएनएसएस-1सी), 28 मार्च 2015 (आईआरएनएसएस-1डी) और पांचवें उपग्रह (आईआरएनएसएस-ई) को 20 जनवरी, 2016 को प्रक्षेपित किया गया था। 
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क्या है इसरो का लक्ष्य 

इसरो - फोटो : इसरो
- भारतीय क्षेत्रीय दिशासूचक उपग्रह प्रणाली के तहत सात उपग्रहों का प्रक्षेपण होना है

- इनमें से पांच उपग्रह पहले ही लांच हो चुके हैं

- सभी उपग्रहों को मार्च 2016 तक कक्षा में स्थापित करने की योजना है

- अंतिम सातवां उपग्रह भी महीने के लांच हो सकता है

- सातों उपग्रहों के प्रक्षेपण के बाद भारत भी अमरीकी जीपीएस के समकक्ष होगा
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