फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मिशन गगनयान: पैराशूट का सफल परीक्षण, प्रवाह की न्यूनतम और अधिकतम कोण की मिली जानकारी

Tue, 07 Mar 2023 06:27 AM IST
Jeet Kumar एएनआई, चंडीगढ़

सार

गगनयान कार्यक्रम का उद्देश्य पृथ्वी की निचली कक्षा में मानव मिशन शुरू करने की कोशिश है। इसके लिए पैराशूट प्रणाली का पूरी तरह सुरक्षित होना बेहद जरूरी है।
विज्ञापन
एपेक्स कवर सेपरेशन पैराशूट - फोटो : ani
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

 भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने गगनयान मानव मिशन के लिए रेल ट्रैक रॉकेट स्लेज और एपेक्स कवर सेपरेशन पैराशूट का सफलतापूर्वक परीक्षण पूरा किया है। इसरो मानव मिशन की तैयारी के तौर पर पैराशूट की तैनाती करेगा। इसरो ने इस कामयाबी के बारे में बताया कि पृथ्वी की निचली कक्षा से गगनयान अंतरिक्ष यात्रियों के जमीन पर लैंडिंग के लिए 1 और 3 मार्च को चंडीगढ़ में टर्मिनल बैलिस्टिक्स रिसर्च लैब में इसका परीक्षण किया गया।

विज्ञापन


इसरो ने बताया कि परीक्षण के दौरान पैराशूट प्रवाह की स्थिति में न्यूनतम कोण के बारे में जानकारी हासिल की गई। वहीं दूसरा परीक्षण पैराशूट प्रवाह के अधिकतम कोण के बारे में था। रॉकेट स्लेज एक टेस्ट प्लेटफॉर्म है, जो रॉकेट के जरिये पटरियों पर एक साथ फिसलता है। गगनयान पैराशूट प्रणाली का विकास विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केंद्र तिरुवनंतपुरम और एरियल डिलीवरी रिसर्च एंड डेवलपमेंट एस्टैब्लिशमेंट आगरा के संयुक्त प्रयास से किया गया। 

यह है उद्देश्य
गगनयान कार्यक्रम का उद्देश्य पृथ्वी की निचली कक्षा में मानव मिशन शुरू करने की कोशिश है। इसके लिए पैराशूट प्रणाली का पूरी तरह सुरक्षित होना बेहद जरूरी है। इसका मकसद पैराशूट की मजबूती और उसकी क्षमता का आकलन करना था, ताकि भविष्य में गगनयान के क्रू मॉड्यूल को धरती पर उतारने में कोई परेशानी न हो। दो पैराशूट के परीक्षण से एक के खराब होने की स्थिति में दूसरे से सुरक्षित लैंडिंग कराने की क्षमता के बारे में पता चला।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें