भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के चेयरमैन एएस किरण कुमार ने शनिवार को इस बात का खंडन किया कि पीएसएलवी-सी39 रॉकेट 1 टन अतिरिक्त वजन के कारण फेल हो गया था। बता दें कि गुरुवार को इसरो का नेविगेशन सेटेलाइट लॉन्च असफल रहा था।
इसरो ने पहली बार निजी क्षेत्र द्वारा तैयार नेविगेशन सेटेलाइट को गुरुवार शाम 7 बजे आंध्रप्रदेश के श्रीहरिकोटा अंतरिक्ष केंद्र से पीएसएलवी सी-39 रॉकेट के जरिए लॉन्च किया था, लेकिन सेटेलाइट लॉन्च सफल नहीं हो सका। बताया जा रहा है कि कक्षा में स्थापित होने से पहले ही रॉकेट में कुछ तकनीकी खामी आ गई थी।
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लॉन्चिंग के फेल होने के बाद मीडिया में खबर चल रही थी कि पीएलएलवी-सी39 रॉकेट अतिरिक्त एक टन वजन ले जा रहा था जिस कारण यह मिशन फेल हो गया था।
टाइम्स ऑफ इंडिया कि रिपोर्ट के मुताबित किरण कुमार ने कहा कि मीडिया में चल रही खबर गलत है, रॉकेट पर कोई अतिरिक्त वजन नहीं था। उन्होंने कहा कि अतिरिक्त वजन लॉन्च व्हीकल की हीट शील्ड पर था, जिसे दूसरे स्टेज में मिसाइल से अलग होना था, लेकिन ऐसा हुआ नहीं और वह मिसाइल के साथ चौथे स्टेज तक पहुंच गया। यह अतिरिक्त वजन के चलते नहीं हुआ।
बताया जा रहा था कि अतिरिक्त भार के चलते लॉन्चिंग के समय रॉकेट की गति एक किलोमीटर प्रति सेकंड कम हो गई थी, जिस कारण मिसाइल तय ऊंचाई तक पहुंचने में नाकाम रही।