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Iran Crisis: 'पीएम मोदी के जाने के बाद मिला ऑपरेशनल मौका', ईरान पर हमले को लेकर इस्राइली राजदूत का बड़ा बयान

Wed, 04 Mar 2026 11:29 AM IST
Love Gaur न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

ईरान पर इस्राइल के हमले पिछले सप्ताह पीएम मोदी के देश से रवाना होने के तुरंत बाद मिले एक 'सैन्य अवसर' के दौरान किए गए थे।  इस्राइल के भारत में राजदूत रूवेन अजार ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि हमले के लिए यह सही समय था।
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इस्राइल और अमेरिका का ईरान पर हमला - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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भारत में इस्राइल के राजदूत रूवेन अजार ने कहा है कि अमेरिका और इस्राइल ने ईरान पर सैन्य कार्रवाई तब शुरू की, जब उन्हें एक 'सैन्य अवसर' मिला, और यह अवसर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तेल अवीव यात्रा के बाद ही सामने आया। उन्होंने यह बात द इंडियन एक्सप्रेस को दिए इंटरव्यू में कही।
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पीएम मोदी के दौरे तक अंतिम फैसला नहीं
अजार के अनुसार, जब प्रधानमंत्री मोदी इस्राइल दौरे पर थे, उस समय ईरान पर हमले का कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ था। उन्होंने बताया कि यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच क्षेत्रीय हालात और आपसी सहयोग जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई थी, लेकिन किसी संभावित सैन्य कार्रवाई की जानकारी साझा नहीं की जा सकती थी, क्योंकि तब तक ऐसा कोई तय निर्णय मौजूद नहीं था।

दो दिन तक किया गया हालात पर विचार
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के लौटने के बाद लगभग दो दिन तक हालात पर विचार किया गया और फिर शनिवार सुबह सुरक्षा कैबिनेट से हमले की मंजूरी मिली। उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री मोदी 25 और 26 फरवरी को दो दिन की आधिकारिक यात्रा पर इस्राइल गए थे। यह उनकी दूसरी यात्रा थी। इससे पहले वर्ष 2017 की यात्रा को भारत-इस्राइल संबंधों में बड़ा मोड़ माना गया था।
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इस हालिया यात्रा के दौरान भारत और इस्राइल ने अपने रिश्तों को 'विशेष रणनीतिक साझेदारी' का दर्जा दिया। प्रधानमंत्री मोदी और इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के बीच हुई बातचीत के बाद दोनों देशों ने कुल 17 समझौतों पर हस्ताक्षर किए।

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ईरान पर संयुक्त सैन्य कार्रवाई
28 फरवरी को अमेरिका और इस्राइल ने मिलकर ईरान पर सैन्य हमला किया। इस अभियान में कई शहरों को निशाना बनाया गया, जिनमें राजधानी तेहरान भी शामिल थी। अमेरिका ने इस कार्रवाई को 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' नाम दिया।

इन हमलों में ईरान में एक हजार से ज्यादा लोगों के मारे जाने की खबर है। मरने वालों में ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई भी शामिल बताए गए हैं। उनके साथ उनके परिवार के कुछ सदस्यों की भी मौत हुई, जबकि उनकी पत्नी गंभीर रूप से घायल हुई थीं और बाद में उन्होंने भी दम तोड़ दिया।
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हमले के बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी और मिसाइलें दागीं। इनमें से कुछ मिसाइलें खाड़ी क्षेत्र के शहरों दुबई, अबू धाबी, कतर और बहरीन तक पहुंचीं। इन हमलों के बाद पश्चिम एशिया में हालात और ज्यादा बिगड़ गए। ईरान ने अपने सर्वोच्च नेता की मौत का बदला लेने की बात कही है। वहीं अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी है। 

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