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इस्राइल-फलस्तीन संघर्ष: UNGA में कुछ प्रस्तावों पर मतदान क्यों नहीं करता भारत? जयशंकर ने बताई वजह, जानें

Thu, 05 Dec 2024 04:50 PM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

जयशंकर ने कहा, "हम आतंकवाद की निंदा करते हैं। हम लोगों को बंधक बनाने की भी निंदा करते हैं। हम इस बात पर विश्वास करते हैं कि देशों के पास अपनी स्थिति के अनुसार प्रतिक्रिया देने का अधिकार है, लेकिन उन्हें आम लोगों की मौतों को विचार में रखना चाहिए।"
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राज्यसभा में विदेश मंत्री एस. जयशंकर। - फोटो : PTI
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विदेश मंत्री एस जयशंकर ने गुरुवार को राज्यसभा को संबोधित किया। यहां उन्होंने प्रश्नकाल के दौरान इस्राइल-फलस्तीन संघर्ष को लेकर भारत की स्थिति पर पूरक प्रश्नों के जवाब दिए। जयशंकर ने साफ किया कि देशों को अपनी स्थिति के अनुसार प्रतिक्रिया देने का अधिकार है। लेकिन उन्हें आम लोगों की मौतों को लेकर विचारशील होना चाहिए और मानवीय कानूनों का पालन करना चाहिए।
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जयशंकर ने कहा, "हम आतंकवाद की निंदा करते हैं। हम लोगों को बंधक बनाने की भी निंदा करते हैं। हम इस बात पर विश्वास करते हैं कि देशों के पास अपनी स्थिति के अनुसार प्रतिक्रिया देने का अधिकार है, लेकिन उन्हें आम लोगों की मौतों को विचार में रखना चाहिए। उन्हें मानवतावादी कानूनों का पालन करना चाहिए और हम चाहते हैं कि वहां जल्द युद्धबंदी लागू हो और हिंसा जल्द खत्म हो।"

गौरतलब है कि संयुक्त राष्ट्र महासभा में 27 अक्तूबर को एक प्रस्ताव पेश हुआ था, जिसके तहत आम लोगों की सुरक्षा और वैध-मानवतावादी जिम्मेदारियों को निभाए जाने का आह्वान किया गया था। इस प्रस्ताव पर वोटिंग से तब भारत ने खुद को बाहर कर लिया था। इस पर जब जयशंकर से सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि यूएनजीए में कई प्रस्ताव आते हैं और इनमें से कुछ में भारत वोटिंग में हिस्सा नहीं लेता या इनके पक्ष में वोट करता है। 
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जयशंकर ने कहा कि किसी भी प्रस्ताव पर वोटिंग से भारत के बाहर होने की वजह यह हो सकती है कि या तो वह प्रस्ताव संतुलित नहीं होता या बहुत विभाजनकारी होता है या ऐसे प्रस्तावों पर वोटिंग से भारत के लिए मिसाल तय हो सकती है और या इस प्रस्ताव पर वोटिंग से आगे भारत के लिए बड़े मायने हो सकते हैं।

उन्होंने बताया कि एक केस में तो प्रस्ताव की ड्राफ्टिंग ठीक से नहीं की गई थी। इस पर भारत की तरफ से चिंता भी जताई गई थी। हालांकि, जब हमारी चिंताओं को शामिल नहीं किया गया तो हमने प्रस्ताव पर वोटिंग में हिस्सा नहीं लिया। 
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