इजरायल के
प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की भारत यात्रा न सिर्फ दोनों देशों के द्विपक्षीय रिश्तों को नई ऊर्जा देगा, बल्कि दोनों
येरूशलम विवाद की छाया से बाहर निकलने का भी संदेश देंगे। आपसी संबंधों को नई ऊंचाई देने के लिए नेतन्याहू ने भारत को बराक मिसाइल, कृषि और रक्षा क्षेत्र की आधुनिकतम तकनीक के साथ-साथ खारे पानी को मीठे पानी में बदलने वाली खास जीप भी तोहफे में देंगे। सोमवार को होने वाली प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता और दोनों देशों के शासनाध्यक्षों की मुलाकात में एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल सौदे पर भी नए सिरे से बात होगी।
पिछले साल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इजरायल की यात्रा कर दुनिया को बड़ा संदेश दिया था। इजरायल की यात्रा करने वाले मोदी देश के पहले पीएम थे। हालांकि हाल ही में भारत ने येरूशलम को इजरायल की राजधानी बनाने संबंधी अमेरिकी प्रस्ताव का संयुक्त राष्ट्र में न सिर्फ विरोध किया, बल्कि इसके खिलाफ वोट भी किया। इस कारण दोनों देशों के रिश्तों में बढ़ी गर्मजोशी में थोड़ी नरमी दिखाई दी थी।
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सूत्रों के मुताबिक, कृषि, व्यापार सहित कई क्षेत्रों के भारी भरकम प्रतिनिधिमंडल के साथ नेतन्याहू के भारत पहुंचने से पहले ही कई समझौतों की रूपरेखा तैयार कर ली गई है। सोमवार को 720 लाख डॉलर के 131 बराक मिसाइल सौदे पर मुहर लगेगी। सर्वाधिक समझौते कृषि क्षेत्र में होंगे। इसमें कम पानी में खेती की तकनीक देना भी शामिल है।
इसके अलावा रक्षा क्षेत्र में तकनीक के ट्रांसफर से संबंधित कई समझौते होेंगे। इजरायल भारत में तेल और गैस की खोज करने और आधुनिकतम तकनीक से सौर ऊर्जा पैदा करने में मदद करेगा। कृषि क्षेत्र में अहम समझौते की उम्मीद इसलिए भी जताई जा रही है कि नेतन्याहू कृषि क्षेत्र के कारोबारियों से अलग से बातचीत करेंगे।