त्रिपुरा में रथयात्रा के दौरान बिजली के झटके से सात लोगों की मौत हो गई थी। वहीं अब इस्कॉन ने इसकी आंतरिक जांच करने का फैसला लिया है। संस्था के एक अधिकारी ने शनिवार को कहा कि रथ यात्रा उत्सव के दौरान त्रिपुरा के उनाकोटी जिले में बिजली के करंट लगने से हुई मौतों के मामले में आंतरिक जांच होगी और भविष्य में ऐसे समारोहों के लिए दिशानिर्देश तय किए जाएंगे।
त्रिपुरा इस्कॉन के सह-अध्यक्ष श्रीधाम गोविंदा दास ने कहा कि मैं पहले ही घटनास्थल का दौरा कर चुका हूं और प्रभावित लोगों के परिवारों से मिल चुका हूं। हम घटना की आंतरिक जांच करेंगे और अगर किसी की गलती पाई गई तो आवश्यक कदम उठाएंगे। हम जल्द ही रथ यात्रा आयोजित करने के लिए दिशानिर्देश तैयार करेंगे क्योंकि ऐसी घटना कहीं भी हो सकती है।
बता दें कि त्रिपुरा के कुमारघर इलाके में बुधवार दोपहर वापसी रथ यात्रा उत्सव के दौरान भगवान जगन्नाथ का रथ एक हाई-टेंशन तार के संपर्क में आ गया, जिससे दो बच्चों सहित सात लोगों की मौत हो गई और 16 अन्य घायल हो गए। इसके बाद यात्रा में भगदड़ के हालात हो गए थे, हालांकि पुलिस ने स्थिति को संभाल लिया था।
त्रिपुरा पुलिस ने त्योहार के दौरान बिजली के झटके से हुई मौतों की जांच शुरू कर दी है। कुमारघाट पुलिस स्टेशन के प्रभारी अधिकारी शंकर दास ने दावा किया कि वापसी रथ यात्रा उत्सव के दौरान जुलूस के लिए आयोजकों ने अनुमत मार्ग का पालन नहीं किया था। इस बीच, पूर्व मुख्यमंत्री माणिक सरकार के नेतृत्व में वाम मोर्चा के एक प्रतिनिधिमंडल ने कुमारघाट का दौरा किया जहां घटना हुई थी।
उन्होंने घटना में जान गंवाने वाले लोगों के परिवार के सदस्यों से भी मुलाकात की। त्रिपुरा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष आशीष कुमार साहा के साथ पूर्व विधायक डी सी ह्रांगखॉल ने भी शोक संतप्त परिवारों से मुलाकात की और इसकी उचित जांच की मांग की।