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छह अक्टूबर को ISKCON के यूथ फेस्टिवल ‘उद्गार’ का आगाज, छात्रों को बताएंगे नशे के दुष्प्रभाव

Sat, 28 Sep 2019 07:58 PM IST
Harendra Chaudhary न्यूज डेस्क, अमर उजाला

सार

  • 06 अक्टूबर को देश की राजधानी दिल्ली के इंदिरा गांधी स्टेडियम में आयोजन
  • 12 हजार युवा छात्र शामिल होंगे
  • 400 छात्रों के साथ आठ साल पहले हुई थी शुरुआत
  • दिल्ली-एनसीआर दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा नशे का बाजार
  • मोटिवेशनल स्पीकर विवेक बिंद्रा की स्पीच
  • 70 कालेजों में एथीक्राफ्ट क्लब्स बनाए
  • युवा खुद पर करें भरोसाः सुंदर गोपाल दास
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Udgaar festival 2019 - फोटो : AmarUjala
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विस्तार
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हाल ही में दिल्ली के अखिल भारतीय आर्युविज्ञान संस्थान (एम्स) का एक शोध प्रकाशित हुआ था, जिसमें इस साल तकरीबन 70 हजार स्कूली छात्र नशे की लत के शिकार थे। नेशनल ड्रग डिपेंडेंस ट्रीटमेंट सेंटर की यह रिपोर्ट देश के लिए वाकई चौंकाने वाली है। छात्रों में नशे की गिरफ्त से छुड़ाने के लिए यूथ फोरम ऑफ द इंटरनेशनल सोसाइटी ऑफ कॉन्शियसनेस यानी इस्कॉन ने इसे अपने सालाना होने वाले युवा फेस्टिवल ‘उद्गार’ का प्रमुख विषय बनाया है।

12 हजार युवा छात्र शामिल होंगे

06 अक्टूबर को देश की राजधानी दिल्ली के इंदिरा गांधी स्टेडियम में शुरू हो रहे उद्गार के नौंवे संस्करण में 15 हजार लोग हिस्सा लेंगे, जिसमें दिल्ली-एनसीआर के विभिन्न कालेजों के तकरीबन 12 हजार युवा छात्र शामिल लेंगे। यह कार्यक्रम दोपहर डेढ़ बजे से शाम सात बजे तक चलेगा।

400 छात्रों के साथ 8 साल पहले हुई थी शुरुआत

इस्कॉन यूथ फोरम के निदेशक सुंदर गोपाल दास ने बताया कि तकरीबन आठ साल पहले हमने 400 छात्रों के साथ सालाना होने वाले फेस्टिवल को शुरू किया था। 2017 में शामिल होने वाले छात्रों की संख्या बढ़ कर 2,500 पहुंच गई, लेकिन जब 2018 में हमनें यह फेस्टिवल आयोजित किया, तो इसमें 8,000 छात्रों ने हिस्सा लिया। पिछले साल इस कार्यक्रम की थीम थी ‘मानवीय मूल्यों पर भारत का निर्माण’। लेकिन इस साल उन्होंने नशा मुक्ति अभियान शुरू किया है।

नशा चाहे ड्रग का हो या सोशल मीडिया का

गोपाल दास बताते हैं कि ‘2018 कैनाबिस प्राइस इंडेक्स’ रिपोर्ट के मुताबिक दिल्ली-एनसीआर दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा नशे का बाजार है। इसलिए इस बार हमारा मुख्य लक्ष्य युवाओं को नशे की लत से बाहर लाना है, चाहे वह ड्रग की हो या सोशल मीडिया की। उनके मुताबिक नशे की बड़ी तेजी से बढ़ती चल को लत को रोकने के लिए यह कार्यक्रम काफी नहीं हैं, लेकिन इससे नशे के खिलाफ युवाओं को प्रेरित करने में बेहद मदद मिलेगी।

मोटिवेशनल स्पीकर विवेक बिंद्रा की स्पीच

06 अक्टूबर को होने वाले उद्गार कार्यक्रम की शुरुआत मोटिवेशनल स्पीकर विवेक बिंद्रा की स्पीच से होगी, जिसमें वे बिना दवाओं के नशे की लत से बाहर आने के तरीके बताएंगे। अपने एक घंटे के व्याख्यान में बिंद्रा एक रिकॉर्ड भी बनाएंगे, जिसमें पहली बार नशामुक्ति अभियान में इतनी बड़ी संख्या में छात्र हिस्सा लेंगे। उन्होंने इसके लिए लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स को भी आमंत्रित किया है।    

सेंड आर्टिस्ट नीतिश भारती का कार्यक्रम

बिंद्रा की मोटिवेशनल टॉक के अलावा, नशारोधी अभियान पर एक क्विज भी आयोजित की जाएगी, जिसमें दिल्ली-एनसीआर के विभिन्न कालेजों के 5,000 बच्चे हिस्सा लेंगे। वहीं फाइनल के लिए छह छात्रों का चयन होगा। वहीं इस कार्यक्रम में नीतिश भारती लाइव रेत से आकृति बनाने की कला की प्रस्तुति देंगे। साथ ही, इस्कॉन के फाउंडर स्वमी प्रभूपाद की जीवनी पर एक थिएटर शो भी दिखाया जाएगा। इसके अलावा इस कार्यक्रम में प्रसिद्ध प्रिंस डांस ग्रुप दशावतार के नाम से डांस परफॉरमेंस करेगा, साथ ही माधव रॉकबैंड मंत्रों का उच्चारण भी करेगा।   

70 कालेजों में एथीक्राफ्ट क्लब्स बनाए

गोपाल दास का कहना है कि जानकारी का आभाव ही युवाओं को नशे की तरफ धकेलता है। उनके जीवन में तनाव, लगातार काम का बढ़ता दबाव, साथ ही वे सोचते हैं कि जो लोग धूम्रपान और शराब पीते हैं, वे बेहद शांत दिखाई देते हैं। ये सारी बातें उन्हें नशे की तरफ ले जाती हैं। वे कहते हैं कि इस समस्या को जड़ से निपटने के लिए वे हर हफ्ते कालेजों में जाते हैं और छात्रों से मिलते हैं। वह कहते हैं कि उनकी काउंसलिंग के जरिए एक हजार से ज्यादा छात्र धूम्रपान और ड्रग्स की लत छोड़ चुके हैं। उन्होंने दिल्ली-एनसीआर के 70 कालेजों में एथीक्राफ्ट क्लब्स बनाए हैं, जो इनकी आदत को छुड़ाने में मदद करता है, साथ ही इन क्लब्स में जल्द ही पर्सनैल्टी डेवलपमेंट के कोर्स भी शुरू किए जाएंगे।

युवा खुद पर करें भरोसा

वहीं यह पूछने पर कि क्या वह इस तरह की समस्या से निपटने के लिए धर्म की मदद लेंगे, तो वह इंकार करते हुए कहते हैं कि काउंसलिंग और ध्यान के जरिए इससे निपटा जाएगा। वहीं अगर डाक्टर की मदद की जरूरत पड़ेगी, तो हम विशेषज्ञों की मदद लेंगे। वह कहते हैं कि हम युवाओं को निराशाभरे जीवन से बाहर निकलने में मदद करना चाहते हैं, हम चाहते हैं कि वे खुद पर भरोसा करें ताकि ड्रग्स के जंजाल में उलझे बिना वे अपनी जीवन के शीर्ष पर पहुंचें।  

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