राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने आईएसआईएस मॉड्यूल से जुड़े एक मामले में शनिवार को हैदराबाद के तीन स्थानों और महाराष्ट्र में वर्धा में छापे मारे और चार संदिग्धों को पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया। एजेंसी ने यह जानकारी दी। वहीं, एनआईए ने आईएसआईएस से प्रेरित समूह के खिलाफ अपनी जांच के सिलसिले में शनिवार को दिल्ली से एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया।
विश्वस्त सूचना के आधार पर एनआईए ने 2016 के अबूधाबी मॉडयूल मामले की जांच के तहत छापा मारा और चार संदिग्धों के पास से कई डिजिटल उपकरण व अन्य दस्तावेज जब्त किए। इन लोगों से पूछताछ की जा रही है। एजेंसी ने एक प्रेस विज्ञप्ति में यह जानकारी दी है।
विज्ञप्ति में कहा गया है कि एनआईए 2016 के एक मामले की जांच कर रही है जिसमें आरोप है कि इस्लामिक स्टेट ऑफ इराक एडं सीरिया (आईएसआईएस) के सदस्य एक कथित षडयंत्र में शामिल थे जिसके तहत इस प्रतिबंधित संगठन में शामिल होने के लिए भारतीय युवा मुसलमानों की पहचान करना, उन्हें प्रेरित करना, कट्टर बनाना, भर्ती और प्रशिक्षण देना शामिल था।
जनवरी 2016 में एनआईए ने तीन अभियुक्तों शेख अजहर-उल-इस्लाम, अधान हसन और मोहम्मद फरहान शेख के खिलाफ मामला दर्ज किया था और उन्हें अबूधाबी से दिल्ली पहुंचने पर गिरफ्तार कर लिया था। बरामद डिजिटल उपकरणों में 13 मोबाइल फोन, 11 सिम कार्ड, एक आईपैड, दो लैपटॉप, एक एक्सटर्नल हार्डडिस्क, छह पेन ड्राइव, छह एसडी कार्ड और तीन वॉकी टॉकी सेट शामिल हैं। एनआईए ने अगस्त 2018 में आईएस के प्रति सहानुभूति रखने के आरोप में मोहम्मद अब्दुल्ला बासित और मोहम्मद अब्दुल कादिर को हैदराबाद से गिरफ्तार किया था।
अधिकारिक सूत्रों ने बताया कि इस साल सात फरवरी को एनआईए ने अबूधाबी मॉडयूल मामले में जांच को आगे बढ़ाते हुये दो आरोपियों के खिलाफ पूरक आरोपपत्र दायर किया और इस मॉडयूल के बारे में मिली ‘ताजे सुराग’ के आधार पर नए सिरे से छापे मारे गये। एजेंसी के अनुसार बासित, आरोपी अदनान हासन और अपने कुछ सहयोगियों के सतत संपर्क में था और वे आईएसआईएस की गतिविधियां बढ़ाने की साजिश रच रहे थे।