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आईएस मॉड्यूल के मुख्य आरोपी ने कहा: 2009 से बना रहे थे हमले की योजना, पक्षपात के कारण नाराज

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Shilpa Thakur Updated Wed, 02 Jan 2019 09:58 AM IST
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मुख्य आरोपी ने खोले कई राज - फोटो : अमर उजाला

आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट से प्रभावित मॉड्यूल 'हरकत उल हर्ब ए इस्लाम' का बीते हफ्ते एनआईए ने भंडाफोड़ कर दिया। मॉड्यूल के मुख्य आरोपी मफ्ती सुहेल ने पूछताछ में बताया कि वह जिहादी गतिविधियों की योजना 2009 से बना रहा था क्योंकि मुस्लिमों के साथ भारत में अत्याचार हो रहा है। सूत्रों के मुताबिक सुहेल का कहना है कि वह हमला इसलिए नहीं कर सके क्योंकि उनके पास साधन नहीं थे। अल कायदा के सहयोगी के रूप में इस्लामिक स्टेट की स्थापना 2006 में हुई थी, लेकिन अंतरराष्ट्रीय खबरों में यह साल 2014 में तब आया जब इसने सीरिया और इराक में आतंक फैलाया। 

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार 29 वर्षीय इस्लामिक प्रचारक सुहेल को उसके दिल्ली के जफराबाद स्थित घर से बीते हफ्ते एनआईए ने गिरफ्तार किया था। सूत्रों के अनुसार सुहेल ने बताया है कि वह कई तरह की घटनाओं से दुखी था। जैसे बाबरी मस्जिद का गिरना। उसका मानना है कि मुस्लिमों के साथ देश में भेदभाव होता है। मुस्लिमों को देश में नौकरी न मिल पाना भी इसके पीछे की वजह है।



जांचकर्ता ने बताया, "सुहेल बेहद कट्टरपंथी है और अपने किए कार्यों को न्यायोचित मानता है। उसका कहना है कि वह इसलिए ये सब करने के लिए प्रेरित होता है क्योंकि देश में मुस्लिमों के साथ भेदभाव होता है। वह अल कायदा और तालिबान के प्रति प्रभावित हुआ था लेकिन उनमें से किसी से कभी संपर्क नहीं किया। क्योंकि इस्लामिक स्टेट ऑनलाइन भर्ती कर रहा था, तो उसे एक संचालक मिला जो उसे इस ओर मोड़ रहा था।"

अधिकारी ने बताया कि सुहेल समूह में सबसे अधिक कट्टरपंथी दिखाई दिया। "वह अकेला ही उस ऑनलाइन संचालक के संपर्क में था जो उसे भारत में हमले करने के लिए गाइड कर रहा था। इसके बाद उसने 20-30 साल के समूह के परिचितों और दोस्तों को एकत्रित किया।" अधिकारी ने बताया कि ये समूह बाकी समूहों से अलग है। इससे पहले जिन समूहों का भंडाफोड़ हुआ है वह इराक या सीरिया जाना चाहते थे, लेकिन सुहेल भारत को ही निशाना बनाना चाहता है।

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मुख्य आरोपी ने खोले कई राज - फोटो : अमर उजाला
आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट से प्रभावित मॉड्यूल 'हरकत उल हर्ब ए इस्लाम' का बीते हफ्ते एनआईए ने भंडाफोड़ कर दिया। मॉड्यूल के मुख्य आरोपी मफ्ती सुहेल ने पूछताछ में बताया कि वह जिहादी गतिविधियों की योजना 2009 से बना रहा था क्योंकि मुस्लिमों के साथ भारत में अत्याचार हो रहा है। सूत्रों के मुताबिक सुहेल का कहना है कि वह हमला इसलिए नहीं कर सके क्योंकि उनके पास साधन नहीं थे। अल कायदा के सहयोगी के रूप में इस्लामिक स्टेट की स्थापना 2006 में हुई थी, लेकिन अंतरराष्ट्रीय खबरों में यह साल 2014 में तब आया जब इसने सीरिया और इराक में आतंक फैलाया। 

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार 29 वर्षीय इस्लामिक प्रचारक सुहेल को उसके दिल्ली के जफराबाद स्थित घर से बीते हफ्ते एनआईए ने गिरफ्तार किया था। सूत्रों के अनुसार सुहेल ने बताया है कि वह कई तरह की घटनाओं से दुखी था। जैसे बाबरी मस्जिद का गिरना। उसका मानना है कि मुस्लिमों के साथ देश में भेदभाव होता है। मुस्लिमों को देश में नौकरी न मिल पाना भी इसके पीछे की वजह है।

जांचकर्ता ने बताया, "सुहेल बेहद कट्टरपंथी है और अपने किए कार्यों को न्यायोचित मानता है। उसका कहना है कि वह इसलिए ये सब करने के लिए प्रेरित होता है क्योंकि देश में मुस्लिमों के साथ भेदभाव होता है। वह अल कायदा और तालिबान के प्रति प्रभावित हुआ था लेकिन उनमें से किसी से कभी संपर्क नहीं किया। क्योंकि इस्लामिक स्टेट ऑनलाइन भर्ती कर रहा था, तो उसे एक संचालक मिला जो उसे इस ओर मोड़ रहा था।"

अधिकारी ने बताया कि सुहेल समूह में सबसे अधिक कट्टरपंथी दिखाई दिया। "वह अकेला ही उस ऑनलाइन संचालक के संपर्क में था जो उसे भारत में हमले करने के लिए गाइड कर रहा था। इसके बाद उसने 20-30 साल के समूह के परिचितों और दोस्तों को एकत्रित किया।" अधिकारी ने बताया कि ये समूह बाकी समूहों से अलग है। इससे पहले जिन समूहों का भंडाफोड़ हुआ है वह इराक या सीरिया जाना चाहते थे, लेकिन सुहेल भारत को ही निशाना बनाना चाहता है।

इस्लामिक स्टेट का ऑनलाइन कंटेंट खंगालता था

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एनाईए के मुताबिक कुछ महीनों पहले सुहेल इंटरनेट पर अबु बसीर अल खुरसानी बन इस्लामिक स्टेट का ऑनलाइन कंटेंट खंगालता रहा। इसके बाद उसकी मुलाकात फेसबुक पर अबु मलिक पेशावरी से हुई। पेशावरी ने सुहेल को इस्लामिक स्टेट के नाम पर हमले करने के लिए राजी कर लिया और उसे गाइड करने वाला बन गया। संदेह है कि उसका संचालक अफगानिस्तान में है। 

सुहेल उत्तर प्रदेश के अमरोहा से है जहां उसके पिता धार्मिक अध्ययन का काम करते हैं। लेकिन सुहेल वहां बहुत कम रहता था। बीते डेढ़ महीने से वह अमरोह स्थित अपने पैतृक घर में रह रहा था। एनआईए से जुड़े सूत्र ने बताया कि वह वहां मुख्य रूप से समूह बनाने के लिए जाता था। जिसमें अधिकतर लोग अमरोहा से थे। अधिकारी ने बताया कि वह किराए के घर की खोज में भी था ताकि वहां मीटिंग कर सके और बमों को इकट्ठा कर सके। वह अपने पैतृक घर में ये सब नहीं कर सकता था क्योंकि वहां संयुक्त परिवार रहता है। धार्मिक ग्रंथों में ग्रेजुएशन के बाद सुहेल ने मदरसों में पढ़ाना शुरू कर दिया। 

सुहेल ने जांचकर्ताओं को बताया कि वह कई समूहों की अखिल इस्लामिक विचारधाराओं की ओर आकर्षित हुआ था और यकीन करता है कि पूरी दुनिया में मुस्लिमों को सताया जाता है। अधिकारी ने बताया, "सुहेल ने अफगानिस्तान में रूसी हमले और अमेरिकी आक्रमण पर विस्तार से बात की। उसने चेचन्या संघर्ष और फिलिस्तीन संघर्ष पर भी चिंता जताई। उसने कहा कि इन सभी समस्याओं का एक ही समाधान है, शरिया कानून के तहत इस्लामी शासन की स्थापना करना।" 
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