महाराष्ट्र में पिछले साल आईएसआईएस मॉड्यूल मामले में गिरफ्तार किए गए तीन आरोपियों ने कथित तौर पर सतारा में एक दुकान के मालिक को लूट लिया था और लूटे हुए पैसे का इस्तेमाल बम बनाने के लिए सामग्री खरीदने के लिए किया था। आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) ने बुधवार को यह दावा किया।
एनआईए ने देश में आतंकी संगठन आईएसआईएस के कथित मॉड्यूल का भंडाफोड़ करते हुए तीन संदिग्धों को गिरफ्तार किया था। तीनों पहले एनआईए की हिरासत में थे। एटीएस ने राष्ट्रीय जांच एजेंसी से मोहम्मद शाहनवाज आलम, मोहम्मद यूनुस और जुल्फिकार अली बड़ौदावाला को हिरासत में लिया है। तीनों को बुधवार को पुणे की एक विशेष एटीएस अदालत में पेश किया गया। अदालत ने उन्हें 21 मार्च तक एटीएस की हिरासत में भेज दिया।
यूनुस और उसके सहयोगी मोहम्मद इमरान को 18 जुलाई, 2023 को पुणे में वाहन चोरी का प्रयास करते समय पकड़ा गया था और शाहनवाज आलम फरार हो गया था। बाद में दिल्ली पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया था। नआईए ने जब इस मामले की जांच अपने हाथ में ली तो बड़ौदावाला को गिरफ्तार कर लिया गया।
एटीएस के सूत्र ने कहा, हमारी जांच में पता चला है कि पुणे के कोंढवा इलाके में रहने के दौरान यूनुस और शाहनवाज आलम ने 8 अप्रैल, 2023 को सतारा में बंदूक की नोक पर एक दुकान के मालिक से एक लाख रुपये लूटकर भाग गए थे। दोनों और बड़ौदावाला ने लूटे हुए पैसे से बम बनाने के लिए सामग्री खरीदी थी। एटीएस ने आरोपियों पर आतंकवाद से संबंधित गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के तहत मामला दर्ज किया। उन्होंने कहा कि आगे की जांच जारी है।