आईएसआई गरीब परिवारों की महिलाओं को जासूसी करने के लिए भारत भेज रही है। पाकिस्तानी सेना इन्हें सीमा पार करा देती है और इनके परिवार का पूरा खर्च आईएसआई ही उठाती है। महिला होने के कारण कोई इन पर शक भी नहीं करता।
इसकी पुष्टि मथुरा निवासी रिटायर्ड आर्मी इंटेलीजेंस आफिसर कैप्टन ब्रजलाल भी करते हैं। उनका कहना है कि आमतौर पर माना जाता है कि महिलाओं के प्रति पुलिस और फौज का रुख नरम ही रहता है। इसी का फायदा अब आईएसआई उठाने लगी है। आईएसआई गरीब परिवारों की महिलाओं को प्रशिक्षण देकर जासूसी करने के लिए भारत भेज रही है।
पाकिस्तानी सेना इन्हें सीमा पार करा देती है। इनके परिवार का पूरा खर्च आईएसआई ही उठाती है। कश्मीर, राजस्थान बार्डर और बारामूला में हुईं गिरफ्तारियों से इसका खुलासा हुआ था। इंटरोगेशन में पता चला था कि आईएसआई बाकायदा तीन महीने का प्रशिक्षण देती है। जिस शहर में भेजा जाता है उसकी पूरी जानकारी उपलब्ध कराई जाती है।