पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई और आतंकी संगठनों ने खुद को दुनिया की नजर से दूर रखने के लिए नयी रणनीति बनाई है। आईएसआई अब कश्मीर घाटी में ही आतंक की ट्रेनिंग दे रहा है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, आईएसआई घाटी में आतंकी हमले को अजांम देने के लिए स्थानीय आतंकियों का इस्तेमाल कर रहा है। ऐसा वह इसलिए कर रहा है कि दुनिया के सामने कश्मीर को भारत के आतंरिक संघर्ष के तौर पर दिखा सकें। घाटी में आतंक फैलाने के लिए आईएसआई स्थानीय आतंकियों को पैसा, हथियार और बारूद दे रहा है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, कश्मीर घाटी में मौजूदा वक्त में विदेशी आतंकी कम और स्थानीय आतंकी ज्यादा संख्या में सक्रिय हैं। एक आंकड़ें के मुताबिक, घाटी में इस वक्त 165 स्थानीय और 76 विदेशी आतंकी सक्रिय हैं। दक्षिणी कश्मीर आतंकियों का घर बन चुका है। यहां इस समय 123, उत्तर कश्मीर में 27 और मध्य कश्मीर में 16 स्थानीय आतंकी सक्रिय हैं। इसके अलावा इन इलाकों में विदेशी आतंकियों की संख्या क्रमश: 45, 22 और 9 है।
एक अधिकारी के मुताबिक, साल 2014 तक घाटी में ज्यादातर वारदातों को विदेशी आतंकी अजांम देते थे। तब स्थानीय आतंकी केवल गाइड व सहयोगी के तौर पर मदद करते थे। लेकिन वर्तमान में आईएसआई पाकिस्तान के स्थानीय युवाओं के मन में कट्टरवाद का जहर भर कर उनका इस्तेमाल कश्मीर में आतंकी घटनाओं को अंजाम देने में कर रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, पहले जिन स्थानीय युवाओं को पीओके में प्रशिक्षण दिया जाता है, अब उन्हें यह ट्रेनिंग भी घाटी में ही दी जा रही है।