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इशरत को संदेह का लाभ देना चाहिए था : पिल्लई 

Sat, 05 Mar 2016 05:57 AM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली

सार

  • पूर्व गृह सचिव जी.के. पिल्लई ने 2013 में इशरत को संदेह का लाभ देने की बात कही थी
  • इशरत जहां एनकांउटर मामले की मुझे कोई जानकारी नहीं: शिंदे 
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विस्तार
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इशरत जहां मुठभेड़ कांड को अपने बयान से हवा देने वाले पूर्व गृह सचिव जी.के. पिल्लई ने 2013 में इशरत को संदेह का लाभ देने की बात कही थी। पिल्लई ने तब कहा था कि इशरत लश्कर की आतंकवादी थी या नहीं इस मामले पर उसे संदेह का लाभ दिया जाए।
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पिल्लई ने कहा था कि उन्हें नहीं लगता कि इशरत के खिलाफ कोई निर्णायक निष्कर्ष है। इसलिए जब तक उचित तरीके से जांच न हो तब तक हमें उसे संदेह का लाभ देना होगा। पिल्लई ने हाल में कहा था इशरत मुठभेड़ कांड में 2009 में गुजरात हाई कोर्ट में दाखिल केंद्र सरकार के दूसरे शपथपत्र में पहले शपथपत्र से अलग बात कही गई थी। हालांकि उस दौरान यूपीए सरकार के गृहमंत्री पी. चिदंबरम ने साफ कहा था शपथपत्र सही था। गौरतलब है कि भाजपा ने आरोप लगाया था कि चिदंबरम ने गलत शपथ पत्र दाखिल किया। 

इशरत जहां एनकाउंटर मामले को लेकर उठे विवाद के बीच पूर्व गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे ने कहा है कि उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं है, क्योंकि उनके पास इस संबंध में कोई भी फाइल कभी नहीं आई।
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एनआई के एक पूर्व अधिकारी लोकनाथ बेहरा द्वारा इशरत जहां एनकाउंटर मामले  में लगाए जा रहे आरोपों को लेकर पूर्व गृहमंत्री ने कहा कि उनके दावे झूठे हैं और उनका कोई आधार नहीं है। शिंदे ने साफ किया कि कोई भी उनसे कभी इस मामले के संबंध में मिलने नहीं आया और न ही उन्होंने इस बारे में किसी से बात भी की।

शिंदे का बयान उन आरोपों के बीच आया है, जिसमें यूपीए सरकार पर इशरत मामले में डेविड हेडली के बयान से छेड़छाड़ करने की बात कही गई है। बता दें कि जुलाई 2012 से लेकर मई-2014 के बीच सुशील कुमार शिंदे गृह मंत्री थे। 
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